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राजस्थान: रामकथा में व्यवस्था के लिए लगाई टीचर्स की ड्यूटी, बवाल हुआ तो वापस लिया आदेश

राजस्थान के बूंदी में टीचर्स की रामकथा में ड्यूटी लगाने का मामला सामने आया है. हालांकि, बवाल होने पर शिक्षा विभाग की ओर से आदेश वापस ले लिया गया.

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राजस्थान में कुछ टीचर्स की ड्यूटी रामकथा में लगाई गई थी. (Photo: Pexels)
राजस्थान में कुछ टीचर्स की ड्यूटी रामकथा में लगाई गई थी. (Photo: Pexels)

राजस्थान के बूंदी में शिक्षा विभाग का अनोखा फरमान सामने आया है. शिक्षा विभाग की ओर से पत्र लिखकर, पांच स्कूल के 5 अध्यापकों की धार्मिक आयोजन में ड्यूटी लगाई गई है. यह ड्यूटी 2 फरवरी से 7 फरवरी तक पूरी करनी होगी. दरअसल, बांसी के अंबिका माता मंदिर में 31 जनवरी से लेकर 7 फरवरी 2026 तक 9 दिवसीय महायज्ञ धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम राम कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसे सफल बनाने के लिए टीचर्स की ड्यूटी लगाई गई है. ऐसे में टीचर्स की 2 फरवरी से 7 फरवरी तक  ड्यूटी लगाई गई है. 

बता दें कि बूंदी में समग्र शिक्षा विभाग नैनवा के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने यह पत्र जारी कर जानकारी दी है, जिसमें टीचर्स की रामकथा में ड्यूटी की बात कही है. इस पत्र में अमित विजयवर्गीय (वरिष्ठ अध्यापक), भगवती प्रसाद शर्मा (अध्यापक), महावीर कुमार जैन (शारीरिक शिक्षक), श्याम सुंदर शर्मा (BCI), पंकज कुमार शर्मा (अध्यापक) की ड्यूटी लगाई गई है. इस पत्र में प्रिंसिपल से टीचर्स को स्कूल के कामों से कार्य मुक्त करने के लिए कहा गया है. 

बताया जा रहा है कि इस पत्र के जारी होने के बाद विभाग के अधिकारियों के बीच में हड़कंप मच गया है. अब इस पूरे मामले में माध्यमिक जिला शिक्षा अधिकारी कुंजबिहारी भारद्वाज से जब बात की गई तो उनका कहना था कि गलती हुई थी इस पूरे मामले में पत्र को संशोधित किया गया है. वहीं, आदेश को भी निरस्त कर दिया गया था. हालांकि, ड्यूटी लगाने को लेकर जारी किए गए पत्र को सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है.

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सोशल मीडिया पर भी लोग इस पत्र को लेकर सवाल उठा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि टीचर्स की रामकथा में ड्यूटी लगाना कितना सही है. हालांकि, अब इस ड्यूटी आदेश में बदलाव कर दिया गया है. 

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