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NEET टॉपर ध्रुव ने बताया कैसे मिली AIR 5, जानिए पढ़ाई का वो गोल्डन रूल!

NEET Topper Dhruv Advani: ध्रुव ने कहा, 'स्‍टडी शेड्यूल वास्तव में मेरे लिए काम नहीं करता है. मेरा पढ़ाई का तरीका अलग है. अगर मुझे लगता है कि मुझे पढ़ाई करने की ज़रूरत है, तो मैं करूंगा और अगर मुझे लगता है कि मुझे नहीं करना चाहिए, तो मैं नहीं करूंगा.'

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NEET Topper Dhruv
NEET Topper Dhruv

NEET Topper Dhruv Advani: NEET UG 2023 में कर्नाटक के ध्रुव आडवाणी ने 715/720 के स्कोर और 99.99 पर्सेंटाइल और ऑल इंडिया रैंक 5 (AIR 5) हासिल की है. जो बात ध्रुव को अलग बनाती है, वह न केवल उनका रिजल्‍ट है, बल्कि NEET की तैयारी के लिए उनका अनोखा अप्रोच भी है. डॉक्टरों के परिवार में पले-बढ़े ध्रुव को अपने दादा, चाची और माता-पिता से प्रेरणा मिली, जिन्होंने उनमें सेवा की भावना पैदा की. इसके साथ ही जीव विज्ञान उनका जुनून बन गया.

नीट टॉपर ने कहा, 'मैं जीव विज्ञान और जीवन की अनंत जटिलताओं से हमेशा प्रेरित रहा हूं. हम पृथ्वी पर केवल भाग्य से मौजूद हैं और हम काफी भाग्यशाली हैं कि हमें इसका अध्ययन करने का अवसर मिला है.' ध्रुव ने 10वीं कक्षा तक दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बैंगलोर साउथ में पढ़ाई की, उसके बाद 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए जीआर इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई की.

राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (NTSE) और किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (KVPVI) में एक टॉपर के रूप में उनकी प्रतिभा का पता चलता है. साथ ही, उन्हें इस साल अबू धाबी में होने वाले इंटरनेशनल बायोलॉजी ओलंपियाड की भारतीय टीम के लिए भी चुना गया है.

कैसे की नीट की तैयारी?
ध्रुव ने कहा, 'स्‍टडी शेड्यूल वास्तव में मेरे लिए काम नहीं करता है. मेरा पढ़ाई का तरीका अलग है. अगर मुझे लगता है कि मुझे पढ़ाई करने की ज़रूरत है, तो मैं करूंगा और अगर मुझे लगता है कि मुझे नहीं करना चाहिए, तो मैं नहीं करूंगा.' इस अप्रोच ने उन्हें अपने समय का आनंद लेने और पढ़ाई के साथ साथ अन्य गतिविधियों में शामिल होने की भी अनुमति दी.

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उन्‍होंने कहा, ' जब परीक्षाएं नहीं होती थी, मैं क्‍लासेज़ के बाद अपने समय का आनंद लेता था. परीक्षा से पहले आखिरी हफ्ते में मैंने किताबों को थोड़ा पढ़ा, कुछ सवाल हल किए जो मुझसे छूट गए थे या जिन पर मुझे डाउट था. एग्‍जाम के समय मैं पढ़ाई तेज कर देता था. मेरी स्‍ट्रैटजी यह है कि मैं कक्षा में पूरा ध्यान दूं और अगर मुझे कोई डाउट हो, तो मैं उसी समय दूर कर दूं.'

उनका अपनी सफलता में आकाश बायजू कोचिंग क्‍लासेज़ का भी अहम रोल बताया. ध्रुव कहते हैं, 'यदि आप सवालों की प्रैक्टिस नहीं करते हैं, तो फॉर्मूला पढ़ लेने का कोई मतलब नहीं है. कुछ अवधारणाएं या अनुप्रयोग हैं जिन्हें आप केवल तभी समझ पाएंगे जब आप प्रश्नों को हल करेंगे.'

माता-पिता का मिला सहयोग 
बड़े पैमाने पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अनिवार्य रूप से तनाव लाती है. ध्रुव को लगभग सभी NEET उम्मीदवारों की तरह सेल्‍फ डाउट से जूझना पड़ा. लेकिन उसने इसे अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया. ध्रुव के परिवार ने उनकी तैयारी में पूरा सहयोग किया है और चट्टान की तरह उन्हें जमीन से जोड़े रखा.

नॉवेल लिखने की है योजना
ध्रुव का सबसे बड़ा जुनून आर्ट्स के फील्‍ड में हैं. उन्‍हें फैंटेसी उपन्यास पढ़ने बेहद पसंद हैं और वह खुद भी एक फैंटेसी उपन्यास लिखने की लंबे समय से इच्छा रखते हैं. ध्रुव ने कहा, 'मेरे दिमाग में लंबे समय से एक उपन्यास लिखने का विचार था, लेकिन इसे लिखने का समय नहीं मिला.'

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AIIMS दिल्ली में पढ़ने का है सपना
ध्रुव अपने सपनों के कॉलेज, AIIMS दिल्ली में एडमिशन पाने की इच्छा रखते हैं. वह न्यूरोलॉजी या ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में एक भविष्य बनाने की कल्‍पना करते हैं जो मस्तिष्क की जटिलताओं और कैंसर की चुनौतीपूर्ण लेकिन दिलचस्प प्रकृति से जुड़ा है.

(बेंगलुरू से रोशनी चक्रवर्ती की रिपोर्ट)

 

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