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12वीं में 92% लाने वाली NEET छात्रा ने किया सुसाइड, प‍िता बोले- 'पेपर-लीक' की खबरों से टूट गई थी

कर्नाटक के कलाबुर्गी में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही होनहार छात्रा भाग्यश्री पाटिल ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. 12वीं बोर्ड में 92% अंक हासिल करने वाली भाग्यश्री पर पेपर लीक की खबरों और परीक्षा के दबाव ने गहरा प्रभाव डाला. पिता राजशेखर पाटिल ने बताया कि बेटी मानसिक तनाव में थी, हालांकि उन्होंने किसी पर कानूनी कार्रवाई नहीं की.

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Student preparing for NEET commits suicide
Student preparing for NEET commits suicide

देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'NEET' को लेकर मचे घमासान और विवादों के बीच एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. कर्नाटक के कलाबुर्गी में एक होनहार नीट (NEET) एस्पिरेंट छात्रा ने अपने घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतका की पहचान भाग्यश्री पाटिल के रूप में हुई है, जिसने हाल ही में आए सेकंड-ईयर पीयू (12वीं बोर्ड) की परीक्षाओं में 92 फीसदी अंक हासिल किए थे.

12वीं बोर्ड में शानदार सफलता के बाद भाग्यश्री का पूरा ध्यान मेडिकल कॉलेज में सीट पक्की करने पर था, लेकिन इस बीच आई एक आत्मघाती खबर ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है.

पिता का दर्द, पेपर लीक की खबरों से टूट गई थी बेटी
भाग्यश्री के पिता राजशेखर पाटिल ने इस त्रासदी के पीछे के उस 'अदृश्य दबाव' की ओर इशारा किया है जो आज देश के लाखों छात्रों के ज़ेहन को बीमार कर रहा है. पिता के मुताबिक, भाग्यश्री पिछले कुछ दिनों से बेहद गहरे मानसिक तनाव और भावनात्मक संकट (Emotionally Distressed) से गुज़र रही थी. उन्होंने आशंका जताई है कि हाल ही में नीट (NEET) परीक्षा को लेकर सामने आई 'क्वेश्चन पेपर लीक' की खबरों और विवादों ने उनकी बेटी के मन-मस्तिष्क पर बहुत बुरा असर डाला, जिससे उसका हौसला पूरी तरह टूट गया.

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हालांकि, इस मामले का एक पेचीदा और संवेदनशील पहलू यह भी है कि पिता ने पुलिस में जो आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है, उसमें उन्होंने पेपर लीक के इस एंगल का सीधा जि‍क्र नहीं किया है. अपनी शिकायत में उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे अपनी बेटी की इस दुखद मौत के लिए कानूनी तौर पर किसी को भी जि‍म्मेदार नहीं ठहराना चाहते हैं.

व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य पर फिर खड़े हुए सवाल
एक होनहार छात्रा, जो एकेडमिक तौर पर इतनी मजबूत थी कि उसने बोर्ड परीक्षाओं में 92% स्कोर किया, उसका यूं चले जाना हमारी परीक्षा व्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है. यह घटना साफ तौर पर दिखाती है कि नेशनल लेवल के कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स को लेकर देश के बच्चों पर किस कदर मानसिक दबाव है. पेपर लीक और धांधली की खबरें केवल व्यवस्था की खामी नहीं हैं, बल्कि यह उन ईमानदार और दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों के 'डिसीजन मेकिंग' और मानसिक संतुलन को भी हिलाकर रख देती हैं, जिन्हें अपना भविष्य अचानक अंधकार में दिखने लगता है.

पुलिस ने फिलहाल मामला दर्ज कर लिया है और भाग्यश्री के इस आत्मघाती कदम के पीछे के असल कारणों की बारीकी से तफ्तीश की जा रही है.

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(यदि आप या आपके जानने वाले किसी भी तरह के मानसिक तनाव, डिप्रेशन या आत्मघाती विचारों से गुजर रहे हैं, तो कृपया तुरंत मदद लें. देश में कई सरकारी और गैर-सरकारी हेल्पलाइन (जैसे टेली-मानस: 14416) 24 घंटे मुफ्त और गोपनीय काउंसिलिंग सहायता प्रदान करती हैं.)

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