जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच NSUI के दो कार्यकर्ता जीशान और फैजान को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. इस कार्रवाई के बाद NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने दोनों की तत्काल रिहाई की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने से आंदोलन कमजोर नहीं होगा, बल्कि और तेज होगा.
NSUI के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने बुधवार को जामिया के गेट नंबर-4 से दोनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था. इसके बाद उन्हें पुलिस थाने ले जाया गया. बाद में दोनों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
कौन हैं जीशान और फैजान?
फैजान जामिया में NSUI की इकाई के अध्यक्ष हैं, जबकि जीशान संगठन के सोशल मीडिया विभाग के पूर्व राष्ट्रीय प्रमुख रह चुके हैं. दोनों छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन से जुड़े हैं.
NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने अपने बयान में कहा कि जामिया में छात्र पिछले 18 दिनों से छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा है और आंदोलनकारी छात्रों को लगातार परेशान किया जा रहा है.
जाखड़ ने कहा कि छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों का लोकतांत्रिक अधिकार है. उन्होंने प्रशासन से चुनाव बहाली की तत्काल घोषणा करने की मांग की. साथ ही चेतावनी दी कि जीशान और फैजान की रिहाई नहीं होने पर NSUI आंदोलन को और व्यापक करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि जामिया में जारी प्रदर्शन मुख्य रूप से छात्रों का आंदोलन है और NSUI उनकी मांगों के समर्थन में खड़ी है.
चुनाव बहाली की मांग पर जारी है गतिरोध
जामिया में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है. प्रदर्शनकारी छात्र चुनाव की स्पष्ट समयसीमा और प्रक्रिया को लेकर अपनी मांगें रख रहे हैं. विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर कदम उठाए जाने की खबरों के बावजूद आंदोलन जारी है.
इस बीच, जीशान और फैजान को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से मामला और गरमा गया है. NSUI ने दोनों की जल्द रिहाई की मांग दोहराते हुए कहा है कि छात्र संघ चुनाव बहाल होने तक संघर्ष जारी रहेगा.