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नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, SC-ST छात्रों को हर महीने डबल फायदा, अब 2000 रुपये होगी छात्रवृत्त‍ि

बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति राशि को दोगुना कर 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है. इस निर्णय से लगभग 10 हजार छात्रों को लाभ मिलेगा. यह प्रस्ताव जल्द ही मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद लागू होगा. बता दें कि छात्रावासों में निःशुल्क आवास, डिजिटल कक्षाएं, पुस्तकालय और खाद्यान्न जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं.

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ब‍िहार के SC-ST छात्रों की छात्रवृत्ति हुई दोगुनी, अब 1000 की जगह 2000 रुपये प्रतिमाह (फोटो प्रतीकात्मक है)
ब‍िहार के SC-ST छात्रों की छात्रवृत्ति हुई दोगुनी, अब 1000 की जगह 2000 रुपये प्रतिमाह (फोटो प्रतीकात्मक है)

राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के छात्रों के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की मासिक छात्रवृत्ति दोगुनी करने का प्रस्ताव तैयार किया है. इस प्रस्ताव के तहत अब छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह कर दी जाएगी.

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की ओर से इस संबंध में औपचारिक प्रस्ताव तैयार किया गया है. इसे जल्द ही राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद यह निर्णय पूरे राज्य में लागू हो जाएगा.

करीब 10 हजार छात्रों को होगा लाभ

इस फैसले से राज्य के विभिन्न डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावासों में रह रहे लगभग 10 हजार छात्रों को सीधा फायदा मिलेगा. वर्तमान में राज्य में कुल 139 ऐसे छात्रावास संचालित हैं, जहां एससी-एसटी वर्ग के छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है.

पहले भी बढ़ चुकी है छात्रवृत्ति

विभाग इससे पहले सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में भी वृद्धि कर चुका है. उसी कड़ी में अब छात्रावास में रहने वाले छात्रों के लिए यह कदम उठाया गया है, जिससे उनकी पढ़ाई और जीवन-यापन में आर्थिक सहयोग मिल सके.

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डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावासों में छात्रों को निःशुल्क आवास के साथ-साथ कई सुविधाएं दी जाती हैं. इनमें डिजिटल कक्षाएं, पुस्तकालय और मासिक अनुदान शामिल हैं. इसके अलावा, विद्यार्थियों को हर महीने 15 किलोग्राम खाद्यान्न भी उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें 9 किलोग्राम चावल और 6 किलोग्राम गेहूं शामिल है.

सरकार का यह कदम सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. छात्रवृत्ति में बढ़ोतरी से छात्रों की आर्थिक चुनौतियां कम होंगी और वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे.

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