देशभर में आयोजित हुई संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में करीब 8 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए. ऐसे में इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आसान बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि प्रीलिम्स परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद आयोग आधिकारिक आंसर की जारी करेगा. इससे परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवारों को अपने सही और गलत आंसरों के बारे में मालूम चल जाएगा. पहले छात्रों को फाइनल रिजल्ट के लिए सालभर का इंतजार करना होता था जिससे उन्हें बहुत घबराहट होती थी.
कैसा रहा इस साल का पेपर?
इस साल UPSC परीक्षा में शामिल होने वाले 8 लाख से अधिक छात्रों के चेहरे पर मायूसी दिखी. इसे लेकर कई जगहों पर विवाद भी देखने को मिल रहा है. इस साल परीक्षा का आयोजन 83 शहरों में किया गया है. परीक्षा दो शिफ्ट में पूरी करवाई गई है. पहला पेपर जीएस और दूसरा पेपर सीसैट का था.
पहली बार जल्दी जारी होगा आंसर की
ऐसा पहली बार होगा जब प्रीलिम्स परीक्षा के तुरंत बाद आयोग आंसर की जारी कर देगा. इस साल परीक्षा 24 मई को आयोजित हुई थी. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि आयोग 31 मई तक आंसर की जारी कर देगा.
क्यों लिया गया है ये फैसला?
बता दें कि यह फैसला छात्रों को देखते हुए लिया गया है. अब तक उम्मीदवारों को पूरी चयन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही आंसर की देखने को मिलती थी. इसकी वजह से छात्र महीनों तक दुविधा में रहते हैं. उम्मीदवार अपने ओएमआर आंसर्स का मिलान करके यह समझ सकेंगे कि मेन्स परीक्षा की तैयारी आगे जारी रखनी है या नहीं.
31 मई तक करा सकते हैं आपत्ति
वहीं, अगर किसी उम्मीदवार को लगता है कि आयोग की ओर से जारी की गई प्रोविजनल आंसर की में कोई जवाब गलत है तो उसे अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलेगा. कैंडिडेट्स 31 मई, शाम 6 बजे तक ऑनलाइन माध्यम से अपनी आपत्तियां दर्ज कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें कैंडिडेट्स को यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाना होगा. यहां एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है, जिसके जरिए छात्र अपनी शिकायतें जमा कर सकते हैं. हालांकि, केवल ये कह देना कि जवाब गलत है काफी नहीं है. छात्रों को अपने दावे के समर्थन में सही उत्तर का एक छोटा सा विवरण देना होगा.