उत्तर प्रदेश में स्टाफ नर्स/सिस्टर ग्रेड 2, मेल/फीमेल भर्ती का संशोधित रिजल्ट अगस्त 2022 में जारी हो चुका है लेकिन योग्य उम्मीदवारों को नौकरी के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है. गुरुवार (22 दिसंबर 2022) को इलाहाबाद हाई कोर्ट में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की स्टाफ नर्स/सिस्टर ग्रेड 2, मेल/फीमेल भर्ती परीक्षा के संशोधित रिजल्ट को चुनौती दी गई है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यूपीपीएससी स्टाफ नर्स /सिस्टर ग्रेड-2 भर्ती का संशोधित परिणाम 23 अगस्त 2022 को आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया गया था. यह भर्ती अभियान कुल 3012 रिक्तियों को भरने के लिए चलाया गया था. अब, प्रिया शर्मा ने बिना एक्सपीरियंस मार्क्स के रिजल्ट जारी करने को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. याचिकाकर्ता का कहना है कि उसने 5 साल का एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट लगाया था लेकिन उसके मार्क्स न जोड़कर रिजल्ट घोषित कर दिया गया. इस वजह से उसका चयन नहीं हुआ है.
याचिका में 23 अगस्त 2022 को जारी संशोधित रिजल्ट को निरस्त कर नए सिरे से रिजल्ट घोषित करने की मांग की गई है. इसके अलावा, याचिका में सेलेक्टेड कैंडिडेट्स को नोटिस जारी करने की भी मांग की गई है. अगली सुनवाई 30 जनवरी 2023 को होगी.
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने क्या कहा?
वकील अनुराग त्रिपाठी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याची प्रिया शर्मा की ओर से पक्ष रखा. इसके बाद जस्टिस पंकज भाटिया की सिंगल बेंच ने यूपी लोक सेवा आयोग से जवाब मांगा है. कोर्ट ने याची के अनुभव प्रमाण पत्र की समीक्षा करने वाली एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है.
बता दें कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने राज्य में स्टाफ नर्स/सिस्टर ग्रेड-2 की कुल 3012 रिक्तियों पर भर्ती निकाली थी. इनमें 341 पद पुरुष उम्मीदवारों के लिए और 2671 पद महिला उम्मीदवारों के लिए हैं. परीक्षा 3 अक्टूबर (रविवार) को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक यूपी के पांच जिलों प्रयागराज, लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ और गोरखपुर के परीक्षा केंद्रों में आयोजित की गई थी. कुल 83564 उम्मीदवारों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी.