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FB के लिए छोड़ दी पढ़ाई, बन गए अरबपति... जकरबर्ग के पास है इस यूनिवर्सिटी की डिग्री

दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी मेटा (फेसबुक की पेरेंट कंपनी) एक बार फिर बड़े संकट के दौर से गुजर रही है. अप्रैल 2026 की ताजा रिपोर्ट्स बताती हैं कि मार्क जुकरबर्ग के नेतृत्व वाली यह कंपनी अपने वर्कफोर्स में 10% की कटौती करने जा रही है. इस फैसले से लगभग 8,000 कर्मचारियों की सीधे तौर पर नौकरी जाएगी, जबकि 6,000 खाली पदों को कभी न भरने का फैसला लिया गया है यानी कुल 14,000 नौकरियों पर तलवार गिरी है. 

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Mark Zuckerberg education background  (Photo- insta/@zuck)
Mark Zuckerberg education background (Photo- insta/@zuck)

एआई (AI) और भविष्य की तकनीक पर भारी निवेश (लगभग 135 बिलियन डॉलर) करने के लिए मार्क जुकरबर्ग के नेतृत्व वाली कंपनी ने अपने वर्कफोर्स में 10 प्रतिशत कमी करने के लिए तैयार है. इसके तहत लगभग 8000 कर्मचारियों की नौकरी जाएगी. जबकि 6,000 खाली पदों को कभी न भरने का फैसला लिया गया है यानी कुल 14,000 नौकरियों पर तलवार गिरी है. 

इससे टेक जगत में हड़कंप मचा दिया है. जहां एक ओर हजारों प्रोफेशनल्स अपनी नौकरियों को लेकर चिंतित हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प चर्चा फिर से शुरू हो गई है. लोग पूछ रहे हैं कि जिस शख्स के एक फैसले से हजारों डिग्रीधारी इंजीनियर्स की नौकरी चली गई, वह मार्क जुकरबर्ग खुद कितना पढ़े-लिखें हैं? क्या उनके पास कोई बड़ी डिग्री है या वह आज भी सिर्फ एक कॉलेज ड्रॉपआउट ही कहलाते हैं?

दिलचस्प है जुकरबर्ग के पढ़ाई का सफर

मार्क जुकरबर्ग की पढ़ाई की जर्नी किसी फिल्म से कम नहीं है. वह ऐसे छात्र हैं जिन्होंने अपनी पढ़ाई तक दांव पर लगा दी. 

10वीं- न्यूयॉर्क के आर्ड्सले हाई स्कूल और फिर फिलिप्स एक्सेटर एकेडमी से शुरुआती पढ़ाई की. स्कूल के समय में ही वे एस्ट्रोनॉमी, गणित और फिजिक्स में इतने होनहार थे कि उन्हें कई पुरस्कार मिले. उन्हें क्लासिक्स (लैटिन और ग्रीक भाषा) में भी डिप्लोमा मिला था. 

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इसके बाद जुकरबर्ग ने दुनिया के नंबर 1 यूनिवर्सिटी हार्वर्ड में एडमिशन लिया जहां उन्होंने कंप्यूटर साइंस और साइकोलॉजी की पढ़ाई कर रहे थे लेकिन दूसरे साल में फेसबुक के बढ़ते क्रेज की वजह से उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया (Dropout). 

अपनी पढ़ाई छोड़ने के 12 साल बाद साल 2017 में मार्क जुकरबर्ग फिर से हार्वर्ड पहुंचे. लेकिन इस बार छात्र के तौर पर नहीं बल्कि मुख्य वक्ता के तौर पर. इसी दिन हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने उन्हें 'डॉक्टर ऑफ लॉ' की देकर सम्मानित किया. 

कब किया था फेसबुक को लॉन्च?

मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक को 4 फरवरी, 2004 को लॉन्च किया था. जब इसे लॉन्च किया गया था तो, इसका नाम 'द फेसबुक' रखा गया था. हालांकि, साल 2005 में इसका नाम बदलकर केवल फेसबुक कर दिया गया था. 

क्या है मेटा

जुकरबर्ग का ऐसा मानना था कि उनकी कंपनी अब सिर्फ एक सोशल मीडिया ऐप (फेसबुक) तक सीमित नहीं रह गई है. कंपनी व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और वर्चुअल रियलिटी (VR) जैसे फील्ड में बहुत आगे निकल चुकी थी. इसलिए उन्होंने कंपनी को नई पहचान देने की सोची जो भविष्य की टेक्नोलॉजी मेटावर्स पर आधारित हो. 

मेटा के अंदर क्या-क्या आता है?

मेटा एक पेरेंट कंपनी है. इसके अंदर ये मुख्य ऐप्स और प्लेटफॉर्म आते हैं-

  • फेसबुक 
  • इंस्टाग्राम 
  • व्हाट्सएप
  • मैसेंजर
  • थ्रेड्स
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