सुबह आंख खुलते ही जब टीवी स्क्रीन पर नजर पड़ती है तो दुनिया भर से आ रही खबरें मन को अशांत कर देती हैं. कहीं सरहदों पर तनाव की सुगबुगाहट है, तो कहीं समुद्र के रास्तों पर व्यापारिक जहाज रोके जा रहे हैं. ईरान ने कुवैत में फिर से बमबारी की, इजरायल ने ईरान में बम फोड़ा तो कहीं अमेरिका ने बमबारी की. हम अक्सर इन खबरों को 'बड़ी राजनीति' या हेडलाइंस मानकर रिमोट दबा देते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि वैश्विक स्तर पर मची यह उथल-पुथल आपके करियर के लिए नए और बेहद सुरक्षित दरवाजे भी खोल रही है?
जी हां, जब दुनिया की अर्थव्यवस्था हिचकोले खाती है और सरहदों पर बारूद की गंध बढ़ती है, तब करियर का पूरा भूगोल बदल जाता है. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की 'फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट' ने भी इस पर मुहर लगा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, जियोपॉलिटिकल तनाव और जियोइकोनॉमिक फ्रैगमेंटेशन आज के दौर के सबसे बड़े ट्रेंड्स बन चुके हैं. यही वजह है कि सुरक्षा प्रबंधन विशेषज्ञों को दुनिया के टॉप-5 सबसे तेज बढ़ने वाले जॉब्स में शामिल किया गया है.
वर्दी के बिना भी 'वॉर हीरो'
एक समय था जब देश सेवा का मतलब सिर्फ वर्दी पहनकर सरहद पर तैनात होना होता था. बेशक, वह सबसे गौरवशाली काम है, लेकिन आज के दौर में 'सिविलियन' रहकर भी आप राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा बन सकते हैं. दरअसल, बड़ी कंपनियां अब ऐसे प्रोफेशनल्स की तलाश में हैं जो यह बता सकें कि युद्ध या तनाव के समय उनके बिजनेस, तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर क्या असर पड़ेगा. ये ऐसे 'वॉर-प्रूफ' करियर हैं जो आर्थिक मंदी या युद्ध के समय भी डगमगाते नहीं, बल्कि और भी ज्यादा जरूरी हो जाते हैं.
कौन से हैं ये 'हिट' करियर ऑप्शंस?
जियोपॉलिटिकल रिस्क कंसल्टेंट: ये एक्सपर्ट्स बड़ी कंपनियों को बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच उनका निवेश कहाँ सुरक्षित है और भविष्य की चुनौतियां क्या हैं.
स्ट्रेटेजिक एनालिस्ट: युद्ध के बदलते पैटर्न, सुरक्षा चुनौतियों और जटिल रणनीतियों का विश्लेषण करना इनका मुख्य काम होता है.
आपदा प्रबंधन (Disaster Management) प्रोफेशनल: युद्ध हो या प्राकृतिक आपदा, संकट के समय लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्य संभालने की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर होती है.
अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञ: युद्ध के समय मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय संधियों की बारीकियों को समझने वालों की आज ग्लोबल मार्केट में भारी मांग है.
भारत के इन टॉप संस्थानों में ले सकते हैं एडमिशन
अगर आप भी रणनीति और विश्लेषण में रुचि रखते हैं, तो भारत के ये संस्थान आपके सुनहरे भविष्य की चाबी साबित हो सकते हैं:
राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी (RRU), गुजरात: गृह मंत्रालय के अधीन यह भारत का पहला रक्षा विश्वविद्यालय है. यहां डिफेंस, स्ट्रैटेजिक स्टडीज और नेशनल सिक्योरिटी जैसे विशेष कोर्स चलते हैं.
सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी (डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस एंड स्ट्रेटजिक स्टडीज ): यह देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित विभागों में से एक है, जहां से निकले एक्सपर्ट्स आज दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं.
JNU, दिल्ली (स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज): अंतरराष्ट्रीय संबंधों और सामरिक अध्ययन की गहरी समझ के लिए यह भारत का सबसे मशहूर केंद्र है.
एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस एंड स्ट्रेटजिक स्टडीज, नोएडा: यहां रियल वर्ल्ड एक्सपोजर और प्लेसमेंट पर काफी फोकस किया जाता है. बीए और एमए के कोर्सेज यहां उपलब्ध हैं.
मद्रास यूनिवर्सिटी: यहां का डिफेंस स्टडीज विभाग रिसर्च आधारित प्रोग्राम्स के लिए जाना जाता है.