आज जितनी जरूरी सैलरी है उतना ही जरूरी होता है 'अप्रेजल'. जल्द ही 'अप्रेजल सीजन' शुरू होने वाला है. ये वो समय है जब हर एक कर्मचारी को साल भर के काम का हिसाब दो से तीन पेज के 'अप्रेजल फॉर्म' में लिख कर देना पड़ता है. अगर आप भी इस साल अपना पहला 'अप्रेजल फॉर्म' भर रहे हैं, तो इन बातों का रखें खास ध्यान.
भाषा का चयन: 'अप्रेजल फॉर्म' में लिखते समय आपकी भाषा स्पष्ट और कसी हुई हो. गलत भाषा का प्रयोग और गलतियां करने से बचें.
पैनी नजर: जैसे स्कूल में आंसर शीट में सही उत्तर देने के बाद आप अगली क्लास में प्रवेश करते हैं, ठीक उसी तरह 'अप्रेजल फॉर्म' के दम पर आप अगली उंचाइयों तक पहुंचते हैं. अप्रेजल सिर्फ सैलरी बढ़ाने का जरिया नहीं है बल्कि ये वो फॉर्म है जिसके जरिए आप अपनी साल भर की मेहनत दिखाते हैं. इसलिए फॉर्म में आप जो भी अचींवमेंट लिखेंगे उन पर अपनी पैनी नजर जरूर रखें.
बढ़ा-चढा कर ना लिखें: साल भर में आपने जितनी मेहनत की है वह आपसे से बेहतर कोई नहीं जानता. तो भूल से भी अपनी अचींवमेंट को बढ़ा-चढा कर ना लिखें. इससे आपके अप्रेजल में परेशानी आ सकती है.
सहकर्मी की बुराई ना करें: 'अप्रेजल फॉर्म' गलती से भी अपने सहकर्मी को बुराई को ना लिखे. ऐसा करना आपके लिए गलत साबित हो सकता है.