अमेरिकी नौसेना का निमित्ज-क्लास सुपरकैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन (CVN-72) दक्षिण चीन सागर से मिडिल ईस्ट की ओर रवाना हो गया है. पेंटागन ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच इस कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को रीडायरेक्ट किया है. यह ग्रुप बहुत ताकतवर है कि अकेले पूरी सेना के बराबर तबाही मचा सकता है.
अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप क्या है?
यह अमेरिकी नौसेना का एक पूरा युद्ध समूह है, जिसमें एयरक्राफ्ट कैरियर मुख्य होता है. यह ग्रुप Carrier Strike Group 3 (CSG-3) का हिस्सा है, जिसमें Carrier Air Wing Nine (CVW-9) एम्बार्क है. ग्रुप का फ्लैगशिप अब्राहम लिंकन है. इसमें Destroyer Squadron 21 के जहाज शामिल हैं.
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ग्रुप में कितने जहाज और पनडुब्बियां?
कुल मिलाकर: 1 कैरियर + 3-6 सरफेस कम्बेटेंट्स + 1-2 सबमरीन्स + सपोर्ट शिप्स
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कितने सैनिक और विमान?
सैनिक: कैरियर पर अकेले 5000-6000 (क्रू + एयर विंग). पूरे ग्रुप में 7000-8000 सैनिक और मरीन.

विमान: Carrier Air Wing Nine में 65-70 एयरक्राफ्ट
ये विमान दिन-रात उड़ान भर सकते हैं, हवाई हमले, जासूसी और डिफेंस करते हैं.
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कितनी मिसाइलें और हथियार?

अगर जंग छिड़ी तो ईरान को कितना नुकसान?
यह ग्रुप अकेला ही बहुत ताकतवर है और बड़े पैमाने पर हमला कर सकता है...
हवाई हमले: 70+ विमान रोजाना 100-150+ सॉर्टी कर सकते हैं. ईरान के एयरबेस, मिसाइल साइट्स, नेवल बेस, ऑयल फैसिलिटी और कमांड सेंटर पर प्रिसिजन स्ट्राइक्स.
क्रूज मिसाइल अटैक: टोमाहॉक से दूर से हीरान की मिलिट्री इंस्टॉलेशन्स, नेवी, एयर डिफेंस और न्यूक्लियर साइट्स को टारगेट कर सकता है.
नुकसान: ईरान की नौसेना (ज्यादातर छोटे जहाज) को नष्ट कर सकता है. होर्मुज स्ट्रेट कंट्रोल कर सकता है. एयर सुपीरियरिटी हासिल कर ईरान के एयर फोर्स को ग्राउंड कर सकता है. ऑयल इंफ्रा पर हमले से अर्थव्यवस्था को भारी झटका. लेकिन ईरान के पास बैलिस्टिक मिसाइलें, ड्रोन्स और प्रॉक्सी ग्रुप्स हैं, जो ग्रुप को चुनौती दे सकते हैं.
पूर्ण युद्ध: अमेरिका के अन्य ग्रुप्स और एलाइज के साथ मिलकर ईरान की मिलिट्री को बड़े नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन पूर्ण युद्ध में दोनों तरफ भारी नुकसान होगा.
यह ग्रुप मिडिल ईस्ट में अमेरिकी हितों की सुरक्षा, इजरायल की मदद और ईरान को डिटर करने के लिए भेजा गया है. यह रूटीन डिप्लॉयमेंट नहीं, बल्कि तनाव बढ़ने पर रिस्पॉन्स है. स्थिति गंभीर है, लेकिन अमेरिका की यह ताकत युद्ध रोकने में भी मदद कर सकती है.