पिछले कुछ दिनों में अमेरिका ने ईरान के करीब अपनी सैन्य मौजूदगी को काफी बढ़ा दिया है. युद्धपोत, एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन, वॉरशिप और मिसाइल सिस्टम की तैनाती से पूरा इलाका तनाव में है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इसे बड़ा अर्माडा कहा है, जो ईरान की ओर जा रही है. आइए समझते हैं कि अमेरिका ने अभी कितनी ताकत जुटाई है और क्यों.
मुख्य सैन्य ताकत क्या-क्या है?
एयरक्राफ्ट कैरियर – USS Abraham Lincoln. यह अमेरिकी नौसेना का सबसे ताकतवर हथियार है. यह निमित्ज़ क्लास का न्यूक्लियर पावर वाला विमानवाहक जहाज है. यह जहाज मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) पहुंच चुका है. इसके साथ 3-4 डेस्ट्रॉयर हैं, जिसमें बेहद घातक Arleigh Burke क्लास के जहाज हैं.
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इस पर Carrier Air Wing 9 तैनात है, जिसमें शामिल हैं...
कुल मिलाकर इस ग्रुप में लगभग 5700 अमेरिकी सैनिक और दर्जनों लड़ाकू विमान हैं. यह जहाज ईरान के बहुत करीब से हमला कर सकता है, क्योंकि इसमें टोमाहॉक क्रूज मिसाइल वाले डेस्ट्रॉयर युद्धपोत भी हैं.
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अन्य वॉरशिप और सपोर्ट जहाज
पहले से ही पारस की खाड़ी और आसपास में कई जहाज मौजूद हैं, जैसे...

हवाई ताकत
F-15E Strike Eagle फाइटर जेट अब मिडिल ईस्ट में तैनात हैं. ये डीप स्ट्राइक के लिए मशहूर हैं. दर्जनों अमेरिकी कार्गो प्लेन हथियार और सप्लाई लेकर जा रहे हैं. पहले से ही कतर के अल उदैद एयर बेस में हजारों सैनिक और विमान मौजूद हैं. यह अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का मुख्यालय है.
मिसाइल और डिफेंस सिस्टम
पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए जा रहे हैं. ये ईरान के मिसाइल या ड्रोन हमलों से अमेरिकी बेस और जहाजों की रक्षा करेंगे.
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कुल कितनी ताकत?
1 बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर + उसके 3-4 साथी जहाज हाल ही में मध्य-पूर्व पहुंचे हैं. 5-10 अन्य वॉरशिप पहले से मौजूद हैं. दर्जनों लड़ाकू विमान (F-35, F-18, F-15E आदि) हैं. कुल मिडिल ईस्ट में 30,000+ अमेरिकी सैनिक पहले से हैं. टोमाहॉक क्रूज मिसाइल, एयर डिफेंस और सपोर्ट जहाज भी मौजूद हैं. यह ताकत ईरान पर हमला करने, डिफेंस करने या सिर्फ डराने के लिए काफी है. ट्रंप ने कहा है कि हमने बड़ी ताकत भेजी है. शायद इस्तेमाल न करना पड़े, लेकिन तैयारी पूरी है.
क्यों जुटाई जा रही है इतनी ताकत?
ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. हजारों लोग मारे गए हैं. ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर क्रैकडाउन जारी रहा तो अमेरिका कार्रवाई करेगा. जून 2025 में अमेरिका और इजराइल ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमला किया था. अब फिर तनाव बढ़ा है. अमेरिका चाहता है कि ईरान पर दबाव बने. वहां पर सत्ता बदले.
खतरा क्या है?
ईरान ने जवाबी हमले की धमकी दी है. अगर अमेरिका ने हमला किया तो ईरान के प्रॉक्सी ग्रुप (जैसे हूती, हिजबुल्लाह) अमेरिकी बेस, जहाज या इजराइल पर हमला कर सकते हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो सकता है, जिससे दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं. अभी अमेरिका डराने के लिए ताकत जुटा रहा है, लेकिन स्थिति बहुत नाजुक है.