चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) नौसेना ने तेजी से अपनी बेड़े का विस्तार करते हुए एक नया अपग्रेडेड टाइप 052D गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर को सेवा में शामिल किया है. इस जहाज का नाम Loudi रखा गया है. ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, इस नए जहाज में बेहतर रडार, हथियार और नेटवर्क सिस्टम लगाए गए हैं, जो इसकी लड़ाई क्षमता को बढ़ाते हैं.
युद्धपोत के क्रू मेंबर झांग शेंगवेई ने बताया कि यह नया जहाज नई सिस्टम और आर्किटेक्चर पर बना है. इससे हवाई रक्षा, समुद्री हमला और टास्क फोर्स कमांड में बेहतर क्षमता मिली है. यह जहाज दूर तक हमला करने और लक्ष्यों पर सटीक वार करने में सक्षम है. साथ ही, दोस्त जहाजों की रक्षा करने में भी मदद करेगा.
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विशेषज्ञों का कहना है कि Loudi का शामिल होना चीन की नौसेना के बेड़े विस्तार की रफ्तार दिखाता है. चीन हर महीने एक जहाज जोड़ रहा है. हाल की बीबीसी रिपोर्ट के अनुसार, चीन की नौसेना अब दुनिया की सबसे बड़ी है – उसके पास 234 युद्धपोत हैं, जबकि अमेरिका के पास 219.
सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) की स्टडी के मुताबिक, 2019 से 2023 के बीच चीन के चार बड़े शिपयार्ड्स – दालियान, गुआंगझोउ, जियांगनान और हुदोंग-झोंगहुआ – ने 39 युद्धपोत बनाए, जिनका कुल वजन 5.5 लाख टन है. 2025 में चीन ने 11 लड़ाकू जहाज जोड़े, जिनमें एयरक्राफ्ट कैरियर फुजियान भी शामिल है.
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चीन सिर्फ अपनी नौसेना नहीं बढ़ा रहा, बल्कि अपने करीबी दोस्त पाकिस्तान को भी आधुनिक जहाज और पनडुब्बियां दे रहा है. पिछले महीने चीन ने पाकिस्तान के लिए चौथी हांगोर-क्लास पनडुब्बी लॉन्च की, जिसका नाम गाजी रखा गया. यह पाकिस्तान की दूसरी पनडुब्बी है जिसका नाम गाजी है. पहली गाजी 1971 के भारत-पाक युद्ध में विशाखापत्तनम पोर्ट के पास डूबी थी.
पाकिस्तान ने चीन से 8 हांगोर-क्लास पनडुब्बियां खरीदने का समझौता किया है. इनमें से पहली तीन पहले लॉन्च हो चुकी हैं. यह सब दिखाता है कि चीन अपनी नौसेना को अमेरिका के मुकाबले मजबूत बनाने में तेजी से लगा है. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तनाव के बीच यह विस्तार क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर डाल रहा है.