महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी को हुआ दुखद विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया. इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित विमान में सवार सभी 5 लोग अपनी जान गंवा बैठे.हादसा एक चार्टर्ड Learjet 45 विमान का था, जो मुंबई से बारामती जा रहा था. अब एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और DGCA ने जांच शुरू कर दी है.
हादसे की मुख्य बातें
28 जनवरी सुबह करीब 8:45 बजे. विमान मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ा था. बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था. विमान ने पहली लैंडिंग कोशिश छोड़ दी. दूसरी कोशिश में रनवे के करीब 200 मीटर पहले कंट्रोल खो दिया, क्रैश हो गया और आग लग गई.
जांच की शुरुआत और प्रगति
हादसे के तुरंत बाद सभी जरूरी रिस्पॉन्स और जांच शुरू हो गई. 28 जनवरी को ही दिल्ली से AAIB के तीन अधिकारी पहुंचे. मुंबई रीजनल ऑफिस से DGCA के तीन अधिकारी पहुंचे. AAIB के डायरेक्टर जनरल खुद साइट पर पहुंचे.
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ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) बरामद कर लिया गया है. यह जांच के लिए बहुत महत्वपूर्ण है – इसमें अंतिम मिनटों की बातचीत और डेटा होता है. जांच AAIB नियम 2025 के नियम 5 और 11 के तहत शुरू की गई है.
यह पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के अनुसार होगी. मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन (MoCA) ने कहा है कि जांच जल्द पूरी होगी. सभी सबूत सुरक्षित रखे जा रहे हैं.
जांच में क्या देखा जाएगा?
क्यों महत्वपूर्ण है यह जांच?
यह हादसा राजनीतिक रूप से भी बड़ा है क्योंकि अजित पवार एक प्रमुख नेता थे. जांच से पता चलेगा कि क्या मौसम, पायलट एरर, तकनीकी खराबी या एयरपोर्ट की कमी जिम्मेदार थी. AAIB की रिपोर्ट से भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के उपाय होंगे. MoCA ने कहा है कि जांच पारदर्शी और समयबद्ध रहेगी.