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प्लेन क्रैश और हेलिकॉप्टर हादसे में कौन ज्यादा खतरनाक होता है? समझिए दोनों की गड़बड़ी

प्लेन क्रैश में मौतें ज्यादा होती हैं लेकिन हेलिकॉप्टर क्रैश खतरनाक होते हैं. अजित पवार और विजय रूपाणी ने प्लेन क्रैश में अपनी जान गंवाई. सीडीएस विपिन रावत और वाईएस राजशेखर रेड्डी ने हेलिकॉप्टर क्रैश में. पिछले 5 सालों में प्लेन क्रैश से करीब 1000+ मौतें हुई हैं. हेलिकॉप्टर से 100-200 लोग मारे गए हैं. लेकिन प्रति फ्लाइट घंटे या सेक्टर के हिसाब से हेलिकॉप्टर क्रैश 5-8 गुना ज्यादा घातक हैं.

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पुणे के बारामती में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश हुआ. (Photo: PTI)
पुणे के बारामती में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश हुआ. (Photo: PTI)

हवाई यात्रा सबसे सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन क्रैश होने पर मौतों की संख्या डराने वाली होती है. सवाल है – प्लेन या हेलिकॉप्टर क्रैश में ज्यादा लोग मरते हैं? पिछले 5 सालों (2021-2025) के डेटा से पता चलता है कि कुल मौतों में प्लेन क्रैश ज्यादा घातक हैं क्योंकि वे ज्यादा यात्रियों को ले जाते हैं, लेकिन प्रति फ्लाइट घंटे के हिसाब से हेलिकॉप्टर क्रैश ज्यादा खतरनाक होते हैं. 

प्लेन क्रैश में मारे गए पांच प्रसिद्ध भारतीय हस्तियां

  • संजय गांधी (1980) – कांग्रेस नेता, दिल्ली में पिट्स S-2A प्लेन क्रैश में.
  • माधवराव सिंधिया (2001) – कांग्रेस नेता और पूर्व सिविल एविएशन मंत्री, कानपुर जाते समय प्राइवेट प्लेन क्रैश में.
  • विजय रूपाणी (2025) – पूर्व गुजरात मुख्यमंत्री, अहमदाबाद से लंदन जा रहे एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 क्रैश में.
  • होमी जहांगीर भाभा (1966) – भारत के न्यूक्लियर प्रोग्राम के पिता, एयर इंडिया फ्लाइट 101 क्रैश (मॉंट ब्लांक, स्विट्जरलैंड) में.
  • अजित पवार (2026) – महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर, बारामती में चार्टर्ड प्लेन क्रैश में.

यह भी पढ़ें: अहमदाबाद विमान हादसे की दर्दनाक दास्तान, देखें ग्राउंड जीरो से एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

Plane vs Helicopter Crash

हेलिकॉप्टर क्रैश में मारे गए 5 प्रसिद्ध भारतीय हस्तियां

  • जनरल बिपिन रावत (2021) – भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, Mi-17V5 हेलिकॉप्टर क्रैश (कोनूर, तमिलनाडु) में.
  • वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (YSR) (2009) – आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, बेल 430 हेलिकॉप्टर क्रैश (नल्लामला जंगल) में.
  • जी.एम.सी. बालयोगी (2002) – लोकसभा स्पीकर और TDP नेता, प्राइवेट हेलिकॉप्टर क्रैश (आंध्र प्रदेश) में.
  • दोरजी खांडू (2011) – अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पवन हंस हेलिकॉप्टर क्रैश में.
  • ओ.पी. जिंदल (2005) – हरियाणा मंत्री और उद्योगपति, हेलिकॉप्टर क्रैश (सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) में (सुरेंद्र सिंह के साथ).

प्लेन vs हेलिकॉप्टर (2021-2025)

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प्लेन क्रैश में मौतें: पिछले 5 सालों में पूरी दुनिया में प्लेन क्रैश में करीब 1000 से ज्यादा मौतें हुईं. 2025 में अकेले 548 मौतें, लेकिन प्लेन से जुड़ीं 418 हैं. 2024 में 332, साल 2023 में 78, साल 2022 में 210. कुल मिलाकर प्लेन क्रैश में ज्यादा मौतें क्योंकि एक प्लेन में 100-500 यात्री होते हैं. 

हेलिकॉप्टर क्रैश में मौतें: हेलिकॉप्टर में कम मौतें – 2021-2025 में करीब 100-200. 2024 में 22 (Vityaz-Aero), 2025 में 3 (Potomac River). लेकिन कुल कम क्योंकि हेलिकॉप्टर छोटे होते हैं, 5-20 लोग ही.

अंतर कितना बड़ा?: कुल मौतों में प्लेन 10-20 गुना ज्यादा (1038 vs 25 से ज्यादा रिपोर्टेड). लेकिन फेटल एक्सीडेंट रेट (मौत की दर) में हेलिकॉप्टर ज्यादा – ऑफशोर हेलिकॉप्टर 1.47 प्रति मिलियन सेक्टर, जबकि फिक्स्ड-विंग प्लेन 0.18. मतलब हेलिकॉप्टर क्रैश 8 गुना ज्यादा घातक प्रति फ्लाइट. प्रति 100,000 फ्लाइट घंटे में हेलिकॉप्टर क्रैश की रेट 0.44 (2024) है. लेकिन ये लगातार बढ़ रही है.

Plane vs Helicopter Crash

हेलिकॉप्टर क्रैश क्यों ज्यादा घातक?

हेलिकॉप्टर प्लेन से ज्यादा जोखिम भरे होते हैं क्योंकि... 

  • ग्लाइडिंग की कमी: प्लेन अगर इंजन फेल हो तो ग्लाइड (फिसलकर) उतर सकता है, लेकिन हेलिकॉप्टर नहीं. ऑटोरोटेशन (रोटर से उतरना) मुश्किल है. 
  • ज्यादा मूविंग पार्ट्स: हेलिकॉप्टर में रोटर, टेल रोटर, गियरबॉक्स जैसे ज्यादा हिस्से, जो फेल हो सकते हैं. प्लेन में कम.
  • कम ऊंचाई पर उड़ान: हेलिकॉप्टर नीचे उड़ते हैं, पेड़, तार, इमारतों से टकराने का खतरा. प्लेन ऊंचे उड़ते हैं.
  • मौसम का असर: खराब मौसम (कोहरा, तूफान) में हेलिकॉप्टर ज्यादा प्रभावित, पायलट डिसओरिएंटेशन (दिशा भूलना). प्लेन में बेहतर इंस्ट्रूमेंट्स.
  • मेंटेनेंस और पायलट एरर: हेलिकॉप्टर में मेंटेनेंस मुश्किल, पायलट थकान या ट्रेनिंग कमी से 70% क्रैश. 
  • इलेक्ट्रिकल फेलियर: हेलिकॉप्टर में इलेक्ट्रिक सिस्टम फेल होने पर कंट्रोल खो जाता है. 

पिछले 5 सालों की प्रमुख प्लेन क्रैश  

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  • एयर इंडिया फ्लाइट 171 (2025, अहमदाबाद, भारत): 242 यात्री+क्रू, 241 मौतें +19 जमीन पर. बोइंग 737. कारण: इंजन फेलियोर. मरने वाले: ज्यादातर यात्री. 
  • जेजू एयर फ्लाइट (2024, दक्षिण कोरिया): 179 मौतें. बोइंग 737. कारण: लैंडिंग फेल. सभी यात्री मारे गए. 
  • अजरबैजान एयरलाइंस (2024): 38 मौतें. कारण: क्रैश लैंडिंग. 
  • वोएपास फ्लाइट (2024, ब्राजील): 62 मौतें. ATR-72 प्लेन. कारण: इंजन फेल.  
  • पोटोमैक रिवर मिड-एयर कोलिजन (2025, यूएस): 67 मौतें (CRJ700 प्लेन). कारण: हेलिकॉप्टर से टक्कर. 
  • चाइना ईस्टर्न फ्लाइट 5735 (2022): 133 मौतें. बोइंग 737. कारण: जानबूझकर क्रैश?  
  • येती एयरलाइंस (2023, नेपाल): 72 मौतें. ATR-72. कारण: इंजन फेल. 

यह भी पढ़ें: जनरल बिपिन रावत के हेलिकॉप्टर हादसे की क्या थी वजह?

पिछले 5 सालों की प्रमुख हेलिकॉप्टर क्रैश  

  • ईरान प्रेसिडेंट हेलिकॉप्टर क्रैश (2024): 9 मौतें, जिसमें प्रेसिडेंट इब्राहिम रईसी, विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन. बेल 212. कारण: खराब मौसम.
  • विट्याज-एयरो Mi-8 (2024, रूस): 22 मौतें. कारण: क्रैश. 
  • हडसन रिवर क्रैश (2025, न्यूयॉर्क): 6 मौतें.कारण: मिड-एयर. 
  • CDS बिपिन रावत क्रैश (2021, भारत): 14 मौतें, जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 12 सैनिक. Mi-17. कारण: पायलट एरर, मौसम.
  • यूक्रेन हेलिकॉप्टर क्रैश (2023): 14 मौतें, जिसमें आंतरिक मंत्री डेनिस मोनास्टिर्सकी.  
  • US मरीन क्रैश (2023): 5 मौतें. CH-53E. कारण: पायलट एरर, मौसम. 
  • कामचटका Mi-8 (2024, रूस): 8 मौतें. कारण: क्रैश.
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