प्रद्युम्न मर्डर केस में निलंबित चल रही रेयन इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल नीरजा बत्रा को बहाल कर दिया गया है. इसके साथ ही उन्होंने स्कूल के दूसरे ब्रांच में बौतर टीचर ज्वाइन भी कर लिया है. गुड़गांव के डीसी द्वारा एक्टिंग प्रिंसिपल रही नीरजा बत्रा को क्लीन चिट मिलने के बाद स्कूल प्रशासन ने ये कदम उठाया है. सीबीआई इस मर्डर केस की जांच कर रही है.
गुड़गांव के डीसी के इस निर्णय से मृतक छात्र प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर नाराज हो गए हैं. उन्होंने कहा कि जब इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है, तो किसी और जांच एजेंसी द्वारा नीरजा बत्रा को कैसे क्लीन चीट दिया जा सकता है. प्रिंसिपल के सस्पेंड होने का क्या मतलब रह गया? उनसे कैसे उम्मीद की जा सकती है कि वह इस जांच में सहयोग करेंगी?
How can you reinstate the principal who failed to fulfill her responsibility? What is the meaning of suspension then?: Father of Pradyuman
— ANI (@ANI)
वरुण के वकील सुशील टेकरीवाल भी डीसी के इस कदम से नाराज हैं. उनका कहना है कि डीसी को कोई अधिकार ही नहीं है कि वह इस मामले में किसी को क्लीन चिट दे या नहीं. हम लोग इस मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. दरअसल, डीसी का कहना है कि नीरजा के फाइनेंसियल पॉवर नहीं थे, ऐसे में उनकी लापरवाही सामने नहीं आई है.
बताते चलें कि हरियाणा सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम ने अपनी जांच में रेयान स्कूल में भयंकर कमियां पाई थी. जांच रिपोर्ट के मुताबिक, रेयान इंटरनेशनल स्कूल के सीसीटीवी कैमरे खराब पाए गए थे. ड्राइवर और कंडक्टर छात्रों के टॉयलेट का ही इस्तेमाल किया करते थे. स्कूल की बाउंड्री वॉल टूटी हुई थी, जिससे स्कूल के अंदर आना जाना आसान था.
में दूसरी क्लास में पढ़ने वाले छात्र प्रद्युम्न ठाकुर के साथ कुकर्म की कोशिश के बाद उसकी गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस मामले में बस कंडक्टर अशोक समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी अशोक कुमार ने पहले अपना जुर्म कबूल किया, लेकिन इंकार कर रहा है. सीबीआई मामले की जांच कर रही है.