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प्रेमिका संग मिलकर पति ने रची पत्नी के कत्ल की साजिश, घरवालों की मदद से लाश को जलाया

हत्या की यह सनसनीखेज वारदात 29 जून की है. गाजियाबाद की निवासी मंजू की शादी 15 साल पहले नोएडा फेस 2 में रहने वाले महेश के साथ हुई थी. सोमवार को अचानक मंजू की मौत हो गई. मंजू की मौत के बाद उसके पति और परिवारवालों ने मंजू की लाश को जला दिया था.

पुलिस ने आरोपी पति और उसकी प्रेमिका को भी गिरफ्तार कर लिया है (फोटो- आजतक) पुलिस ने आरोपी पति और उसकी प्रेमिका को भी गिरफ्तार कर लिया है (फोटो- आजतक)

  • पति के अवैध संबंधों का विरोध करती थी पत्नी
  • प्रेमिका के साथ मिलकर रची खौफनाक साजिश

नोएडा में कत्ल का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला को उसके पति ने अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया. यही नहीं पति ने अपने घरवालों के साथ मिलकर पत्नी की लाश को जला भी दिया. मृतका के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति और उसके भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पति की प्रेमिका भी पुलिस के हत्थे चढ़ गई है.

हत्या की यह सनसनीखेज वारदात 29 जून की है. गाजियाबाद की निवासी मंजू की शादी 15 साल पहले नोएडा फेस 2 में रहने वाले महेश के साथ हुई थी. सोमवार को अचानक मंजू की मौत हो गई. मंजू की मौत के बाद उसके पति और परिवारवालों ने मंजू की लाश को जला दिया था. इसके बाद मंजू के घरवालों ने आरोप लगाया था कि उसके पति महेश ने ही अपने घरवालों के साथ मिलकर मंजू का कत्ल किया है. और उसकी लाश को भी जला दिया.

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मृतका के भाई संजय की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया. फिर दबिश देकर मंजू के पति महेश, उसके भाइयों संजय, दीपक और हरीश को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. अब पुलिस को इस मामले में महेश के अवैध संबंध की बात पता चली. वो महिला इस कत्ल की साजिश में भी शामिल थी. पुलिस उस महिला की तलाश में जुट गई. दरअसल, मंजू को महेश और शशि नामक उस महिला के प्रेम संबंधों के बारे में पत चल गया था. वो दोनों के अवैध संबंधों का विरोध करती थी.

यही वजह थी कि महेश ने अपनी बीवी को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली. पुलिस ने मंगलवार को महेश की प्रेमिका को भी गिरफ्तार कर लिया. शशि नामक वो महिला गाजियाबाद की रहने वाली है. पुलिस ने महिला को दिल्ली के पटपड़गंज मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार किया. शशि दिल्ली के मैक्स अस्पताल में पेशेंट केअर की नौकरी करती है, जबकि मुख्य आरोपी महेश एम्स अस्पताल दिल्ली में एक डॉक्टर की गाड़ी चलाता था.

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हैरानी की बात है कि इस मामले में नोएडा की फेज- 2 थाना पुलिस ने भी खूब लापरवाही बरती है. पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच भी नहीं की. पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर नहीं लिया. ना ही ये पता किया कि कत्ल कैसे और किस वक्त किया गया? लाश को कहां जलाया गया? कत्ल में किसका क्या रोल था? इसलिए थाना पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं.

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