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खुदकुशी करने वाली महिला 14 साल बाद मिली जिंदा... फिर खुला हत्या का राज

गुजरात के पाटण स्थित बालवा गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. दरअसल, 14 साल पहले बालवा गांव की एक विवाहित की खुदकुशी का मामला सामने आया था. अब 14 साल बाद उस महिला को जिंदा पाया गया है. 

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी (फोटो-गोपी घांघर) पुलिस की गिरफ्त में आरोपी (फोटो-गोपी घांघर)

गुजरात के पाटण स्थित बालवा गांव से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है. दरअसल, 14 साल पहले बालवा गांव की एक विवाहित की खुदकुशी का मामला सामने आया था. अब 14 साल बाद उस महिला को जिंदा पाया गया है. पुलिस ने जब महिला को गिरफ्तार किया तो पूरी वारदात का खुलासा हुआ. 

17 साल पहले ऐसे रची थी साजिश

दरअसल, प्रकाश अमृतभाई पंचाल की शादी 17 साल पहले पास के गांव की रहने वाली भीखीबेन पंचाल के साथ हुई थी. शादीशुदा जिंदगी में 30 साल की भीखीबेन को एक बेटा भी हुआ था. इसी बीच भीखीबेन की मुलाकात इसी गांव के निवासी विजुभा राठोड़ से हुई. दोनों के बीच में प्यार हो गया. लेकिन भीखीबेन के पहले से ही शादीशुदा होने की वजह से दोबारा शादी करना मुश्किल था. इसलिए दोनों ने एक प्लान बनाया ताकि दोनों शादी कर लें और किसी को पता भी न चले.

बताया जा रहा है कि 6 फरवरी 2005 को भीखीबेन ओर उसके पति के बीच में किसी बात को लेकर मामूली झगड़ा हुआ.  भीखीबेन नाराज होकर अपने कमरे में जाकर सो गई. लेकिन जब परिवार वाले रात को देखने गए तो भीखीबेन अपने कमरे में नहीं थी. परिजन जब भीखीबेन को ढूंढने लगे तो घर के पीछे एक महिला की लाश पड़ी मिली. उस महिला का चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था लेकिन उसने कपडे़ भीखीबेन के पहने थे. जिससे परिवार वालों को लगा कि वह भीखीबेन की ही लाश है. उन्हें लगा कि भीखीबेन ने खुद को केरोसीन से आग लगाकर आत्महत्या कर ली है.

पुलिस ने दर्ज किया था खुदकुशी का मामला

उस वक्त पुलिस ने भी खुदकुशी का मामला दर्ज किया था. परिवार वाले भी आत्महत्या ही मान रहे थे. लेकिन अचानक कुछ दिनों पहले भीखीबेन के पति के दोस्त महेसाना में किसी काम से आये थे. तब उन्होंने भीखीबेन को देख लिया. शक के आधार पर उन्होंने जांच की तो पाता चला कि वह औरत भीखीबेन ही है. वह अपने प्रेमी विजुभा राठोड़ के साथ शादी कर अपनी पहचान बदल कर 2005 से वहां रह रही थी.

पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने भीखीबेन को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि विजुभा राठोड़ और उसके दोस्तों के साथ मिलकर उन्होंने एक मानसिक तौर पर बीमार महिला का अपहण किया था और उसका गला दबाकर हत्या कर दी. फिर उसे खुद के कपडे़ पहनाकर उसके चहरे पर केरोसीन डालकर जला दिया था, ताकि पहचान नहीं हो सके. अब 14 साल बाद पुलिस ने भीखीबेन, विनुभा राठोड़ और उसके दोनों दोस्तों को भी गिरफ्तार कर लिया है.  

 

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