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अब सरकार को जनलोकपाल पर झुकाने की तैयारी

अन्ना हजारे का लोकपाल आंदोलन रंग लाता दिख रहा है. अनशन पर जाने से उन्हें रोकने की तमाम कोशिशें विफल होने के बाद सरकार को आखिरकार उनके आगे झुकना ही पड़ा और उनकी मांगे माननी ही पड़ी. अन्ना हजारे अब रामलीला मैदान में कम से कम 15 दिनों तक भूख हड़ताल कर सकेंगे.

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अरविंद केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल

अन्ना हजारे का लोकपाल आंदोलन रंग लाता दिख रहा है. अनशन पर जाने से उन्हें रोकने की तमाम कोशिशें विफल होने के बाद सरकार को आखिरकार उनके आगे झुकना ही पड़ा और उनकी मांगे माननी ही पड़ी. अन्ना हजारे अब रामलीला मैदान में कम से कम 15 दिनों तक भूख हड़ताल कर सकेंगे.

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प्रभावी लोकपाल की मांग को लेकर मंगलवार से तिहाड़ जेल में अनशन पर बैठे अन्ना हजारे शुक्रवार को जेल से बाहर आएंगे. इसके बाद वह मध्य दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन जारी रखेंगे.

 

इस बीच, अन्ना हजारे ने कहा कि वह पूरी तरह से स्वस्थ और ऊर्जा से लबरेज हैं. उन्होंने कहा कि वह अभी भी पांच किलोमीटर की पदयात्रा कर सकते हैं. गुरुवार को टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित एक साक्षात्कार में अन्ना हजारे ने कहा, 'जब तक एक प्रभावी लोकपाल विधेयक तैयार नहीं हो जाता तब तक मैं अपना संघर्ष नहीं रोकूंगा.'

 

उन्होंने कहा, 'मेरा स्वास्थ्य ठीक है, मेरे बारे में आपलोग चिंता न करें.' तिहाड़ जेल में सामाजिक संगठन की सदस्य किरण बेदी से बातचीत में अन्ना हजारे ने कहा, 'मेरे अंदर थकान नहीं है मैं अब भी पांच किलोमीटर की पदयात्रा कर सकता हूं. आज की रात मैं यही रहूंगा और कल मैं आपलोगों से बाहर मिलूंगा.' अन्ना हजारे ने कहा, 'जेल के बाहर और देश में तिरंगा लिए युवाओं-बच्चों द्वारा भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद के जो नारे लगाए जा रहे हैं, उसे देखकर मुझे ऊर्जा मिल रही है.'

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उन्होंने कहा कि सरकार ने अनशन करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी है लेकिन वह अनशन के लिए सात दिन और मांगेंगे. उन्होंने कहा, 'मुझे 15 दिनों में कुछ भी नहीं होगा. मैं सरकार से आग्रह करूंगा कि वह अनशन के लिए एक सप्ताह और दे.' अन्ना हजारे ने युवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि आज का युवा जाग गया है. उन्होंने कहा, 'मैं तो नवयुवकों से यही कहूंगा कि जब तक जन लोकपाल की बात सरकार मान नहीं लेती तब तक जेल भरो आंदोलन चलता रहे.'

 

प्रमुख गांधीवादी नेता का कहना था कि यह आजादी की दूसरी लड़ाई है और युवक इसे बीच में छोड़ने की भूल न करें. जब किरण बेदी ने उनसे यह पूछा कि वह सरकार से क्या चाहते हैं, तो उन्होंने कहा कि उससे क्या मांगना? अन्ना हजारे ने कहा, 'सरकार को हमने भेजा था अपने धन की रखवाली करने, भ्रष्टाचार खत्म करने और अच्छे-अच्छे कानून बनाने के लिए. लेकिन वह ऐसा नहीं कर रही है.'

उन्होंने कहा, 'हमारे लोगों ने बहुत बढ़िया जन लोकपाल बनाया था. लेकिन सरकार ने उसकी अच्छी-अच्छी बातों को छोड़कर हमारे साथ धोखा किया है.' इससे पहले बुधवार देर रात दिल्ली पुलिस और अन्ना हजारे की टीम के बीच कई दौर की हुई वार्ता में बनी सहमति के बाद गुरुवार को दिन भर रामलीला मैदान की साफ सफाई का काम चलता रहा. अन्ना के प्रमुख सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'मैंने रामलीला मैदान की स्थितियों को लेकर अन्ना जी से अभी बात की है.' वह शुक्रवार को रामलीला मैदान पहुंचेंगे.'

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अन्ना के स्वास्थ्य पर जेल के चिकित्सक नजर रख रहे हैं और डॉक्टर नरेश त्रेहन की टीम 24 घंटे उनके साथ हैं. सरकार की ओर से जी.बी. पंत अस्पताल की एक टीम जांच के लिए बुधवार शाम को भेजी गई थी लेकिन अन्ना हजारे ने जांच करवाने से यह कहकर मना कर दिया कि जब जेल प्रशासन चिकित्सकीय जांच करवा रहा है तब ऐसा करने की क्या जरूरत है. अन्ना हजारे और उनके सहयोगियों ने रामलीला मैदान पर अनशन शुरू करने से पहले दिल्ली पुलिस के एक 'संशोधित' हलफनामे पर हस्ताक्षर किए जिसमें पुलिस की छह शर्ते शामिल हैं. अन्ना हजारे की टीम के मीडिया समन्वयक के मुताबिक हजारे और उनके सहयोगियों को दिए गए हलफनामे में अनशन स्थल पर लोगों की संख्या को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. उन्होंने कहा, 'इस हलफनामे में पुलिस ने कहा है कि प्रदर्शन में उतने लोग ही शामिल हो सकते हैं जितनी रामलीला मैदान की क्षमता है. इसके तहत 50,000 लोग आसानी से आ सकते हैं.'

समन्वयक ने बताया, 'इसमें यह भी कहा गया है कि सरकारी अधिकारी नियमित तौर पर चिकित्सकीय जांच करेंगे और यदि कोई भी सदस्य अस्वस्थ पाया जाता है तो उस व्यक्ति को तुरंत अपना अनशन समाप्त करना होगा.' इस बारे में केंद्रीय गृह सचिव आर. के. सिंह ने कहा कि अन्ना हजारे को दो सितम्बर तक प्रदर्शन स्थल से सम्बंधित कुछ निश्चित शर्तो के साथ भूख हड़ताल की इजाजत दी गई है. सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'मैं समझता हूं कि उन्हें दो सितम्बर तक सामान्य नियम व शर्तो पर अनुमति देने का फैसला लिया गया है.'

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अन्ना हजारे पक्ष की ओर से इसे सरकार पर अपनी जीत बताए जाने के सम्बंध में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि यह किसी की जीत और हार का सवाल नहीं है. अनुमति निश्चित मियाद और कुछ शर्तो के साथ दी गई है. इस बीच दिल्ली नगर निगम में सदन के नेता सुभाष आर्य ने कहा, 'मजदूर मैदान तैयार कर रहे हैं, कहीं-कहीं बारिश का पानी जमा है. हम वहां शौचालय की व्यवस्था कर रहे हैं, जबकि लाउडस्पीकर और टेंट की व्यवस्था अन्ना हजारे की टीम करेगी.'

अन्ना हजारे को मंगलवार सुबह उनके प्रस्तावित अनशन स्थल जेपी पार्क जाने से पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. इसके बाद उन्हें सात दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया लेकिन उसी दिन शाम को दिल्ली पुलिस ने उन्हें रिहा करने का फैसला किया.

इसके बाद अन्ना हजारे ने दिल्ली के किसी प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर बिना शर्त अनशन की अनुमति दिए जाने तक जेल से निकलने से इनकार करते हुए वहीं पर अनशन जारी रखा. देश भर में अन्ना के समर्थन में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और संसद में इस मुद्दे पर सरकार के घिरने के बाद दिल्ली पुलिस ने बुधवार देर रात अन्ना की मांगों को मानते हुए रामलीला मैदान में अनशन की अनुमति दे दी.

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