उत्तर प्रदेश के हापुड़ में 40 साल की रीता शर्मा की हत्या का मामला अभी तक एक पहेली बना हुआ है. हालांकि लाश की हालत और मौका-ए-वारदात का मंजर देखकर ये साफ हो गया कि कातिल किसी भी सूरत में रीता को जिंदा नहीं छोड़ना चाहता था. रीता का कत्ल इस तरह से किया गया कि उसकी गर्दन के साथ-साथ चेहरे पर भी चाकू से कई वार किए गए थे. कत्ल का ये मामला उस वक्त और पेचिदा हो गया, जब रीता के परिवारवालों ने उसके पति पर ही हत्या का इल्जाम लगा दिया. अब पुलिस के लिए यह मामला एक पहेली बनता जा रहा है.
हापुड़ में बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र की टीम इस मामले की छानबीन कर रही है. 40 साल की रीता शर्मा अपने पति राहुल शर्मा के साथ मोहम्मदपुर रुस्तमपुर गांव में रहती थी. जहां उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. रीता शर्मा और राहुल शर्मा का इकलौता बेटा मेरठ में अपने दादा के पास रहता है.
मोहम्मदपुर रुस्तमपुर गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया था, जब सुबह साढ़े पांच बजे घर के अंदर खून से लथपथ उसकी रीता की लाश मिली. घर में रीता की लाश बिस्तर पर पड़ी थी. उसके गले और चेहरे पर गहरे चाकू मारे जाने के घाव साफ नजर आ रहे थे. हालात ऐसी थी कि जैसे किसी ने बिना कोई रहम किए एक बाद एक कई वार किए हों.
रीता के पति राहुल शर्मा ने बताया कि सोमवार रात करीब नौ बजे वह बाइक से पहले गांव नानई गया और फिर वहां से चांदपुर चला गया था. उसके घर पर कोई परेशानी नहीं थी, बस सुबह जब वो लौटकर घर आया और उसने देखा कि घर का मैन गेट खुला था. वो जैसे ही घर के अंदर दाखिल हुआ तो कमरे का मंजर देखकर उसके होश उड़ गए. क्योंकि सामने बिस्तर पर उसकी पत्नी रीता की खूनी से सनी लाश पड़ी थी. ये देखकर उसे यकीन नहीं हो रहा था. ये मंजर देखकर वो चीखने लगा.
शोर, डर और ग्रामीणों की भीड़
जैसे ही घर के अंदर से चीख़ने की आवाज़ बाहर निकली और लोगों ने घर में खून के निशान देखे तो वहां भीड़ जमा हो गई. कमरे का खूनी मंजर देखकर कुछ लोग डर से कांप रहे थे, तो कुछ इस कत्ल की तहकीकात से जुड़े मामले पर बात कर रहे थे. वहां मौजूद महिलाओं की आंखें नम थीं. कुछ लोगों के आंसू बह रहे थे. लेकिन एक सवाल सबके मन में था कि आखिर रीता का कत्ल किसने किया?
मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम
घटना की सूचना मिलते ही बहादुरगढ़ पुलिस तथा फोरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई. घर के हर कोने से सबूत इकट्ठा किए गए. खून के छींटे, जूते के निशान, दरवाज़े की हालत और किचन के बर्तनों तक.. जांट टीम ने पूरी घर खंगाल डाला. क्योंकि उनका मकसद सिर्फ़ बयान दर्ज करना नहीं था, बल्कि सबूतों का हर कतरा तलाश करना था, जो इस जुर्म की कहानी कह रहा था.
तफ्तीश के दौरान परिवार के लोग और रिश्तेदार सब परेशान नजर आए. वे सब एक दूसरे से सवाल कर रहे थे कि आखिर ये सब किसने किया? क्यों किया? क्या ये चोरी या लूट का विरोध करने का नतीजा था या फिर और कोई खौफनाक वजह इसके पीछे है? पहले से चल रहे शक के बाद यह हत्या जैसे और ज्यादा उलझी पहेली बनती जा रही थी.
पति पर शक
परिजनों का कहना था कि रीता और राहुल के बीच पिछले कुछ समय से तनाव था और इस पुरानी खटपट का असर कहीं गहरा मामला तो नहीं बन गया? ऐसे सवाल उनके चेहरों पर झलक रहे थे. पुलिस ने भी शुरूआत में पति के बयान को जांच में सबूत के तौर पर लिया.
जांच टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, ताकि गर्दन और चेहरे पर मिले निशानों से सही वजह का पता चल सके. फोरेंसिक विश्लेषण से यह खुलासा होने की उम्मीद थी कि यह हत्या अचानक हुई थी या पूर्व नियोजित साजिश थी. और क्या इस मामले में कोई और बाहरी व्यक्ति शामिल था.
पुलिस का बड़ा एक्शन
हापुड़ के पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है. अलग-अलग टीमों का गठन कर दिया गया है और सभी पहलुओं की तह तक छानबीन जारी है. जांच का फोकस सिर्फ बयान नहीं था. बल्कि हर साक्ष्य को जोड़कर एक तस्वीर बनने की कोशिश की जा रही थी.
इलाके में दहशत का माहौल
घटना के बाद वो गांव सन्नाटा लिए खड़ा था. हर घर की खिड़की से लोग बाहर झांक रहे थे, कुछ लोग ये भी सोच रहे थे कि उनका गांव और उनके घर महफूज हैं या नहीं? इस हत्याकांड ने वहां के लोगों के दिल में डर और सवाल पैदा कर दिए हैं. कई लोगों का कहना था कि उनके गांव में ऐसी वारदात कभी नहीं हुई.
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है. तमाम सवालों के जवाब और सबूतों की बिनाह पर इस जुर्म का पूरा सच ढूंढ निकाला जाएगा. पुलिस का दावा है कि इस मामले का खुलासा जल्द होगा और दोषी कानून की गिरफ्त में होगा.