मुंबई के वर्सोवा इलाके में एक बिल्डर को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है. बिल्डर की कार की नंबर प्लेट के पास एक प्लास्टिक पैकेट में जिंदा कारतूस और धमकी भरा पत्र मिला. यह घटना उस समय सामने आई जब बिल्डर अपने निर्माणाधीन प्रोजेक्ट साइट पर पहुंचे थे. मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. शुरुआती जांच में सामने आया है कि धमकी अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील के नाम से दी गई है. इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस अब पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.
ऐसे छिपाकर रखा गया था पैकेट
पुलिस के मुताबिक यह घटना उस समय हुई जब बिल्डर अंधेरी वेस्ट में वर्सोवा मेट्रो स्टेशन के पास स्थित अपनी एक निर्माण साइट पर पहुंचे थे. बिल्डर अपनी सुरक्षा टीम के साथ कार से साइट पर पहुंचे थे. उन्होंने कार साइट के बाहर पार्क कर दी और अंदर चले गए. कुछ देर बाद जब वे कार के पास लौटे तो ड्राइवर की नजर कार की पिछली नंबर प्लेट के पास किसी संदिग्ध चीज पर पड़ी. ध्यान से देखने पर वहां एक सफेद रंग का प्लास्टिक पैकेट रखा हुआ मिला. इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने पैकेट को सावधानी से बाहर निकाला.
पैकेट में मिला धमकी भरा पत्र
जब प्लास्टिक पैकेट खोला गया तो उसमें एक लिफाफा मिला, जिस पर मेहुल मेहता के नाम से संबोधित पत्र रखा हुआ था. लिफाफे के अंदर हाथ से लिखा हुआ धमकी भरा नोट था. नोट में बिल्डर को चेतावनी देते हुए लिखा था, 'मेहता सुधर जा, तुझे समझ में नहीं आ रहा. आज ये बाहर है, कल ये तेरे सीने के अंदर होगा. अल्लाह हाफिज – छोटा शकील.' यह मैसेज साफ तौर पर बिल्डर को जान से मारने की धमकी देने के लिए लिखा गया था. पत्र पढ़ते ही वहां मौजूद सभी लोग चौंक गए.
पत्र के साथ मिला जिंदा कारतूस
पुलिस के अनुसार धमकी भरे नोट के साथ एक जिंदा कारतूस भी मिला है. यह कारतूस नोट के साथ चिपकने वाली टेप से लगाया गया था. इस तरह की धमकी से साफ है कि आरोपी बिल्डर को डराने की कोशिश कर रहे थे. कारतूस मिलने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई. सुरक्षा टीम ने तुरंत इस पूरे मामले की जानकारी बिल्डर को दी. इसके बाद तुरंत पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी गई.
सुरक्षा गार्ड ने पुलिस को दी जानकारी
बिल्डर के निजी सुरक्षा गार्ड ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. बताया गया है कि यह गार्ड पिछले आठ साल से बिल्डर के साथ बॉडीगार्ड के रूप में काम कर रहा है. उसने ही सबसे पहले ड्राइवर को संदिग्ध पैकेट के बारे में बताया. ड्राइवर ने तुरंत बिल्डर को इसकी जानकारी दी. इसके बाद बिल्डर ने पुलिस से संपर्क किया. पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की जांच शुरू की.
पुलिस ने जब्त किए सबूत
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्पॉट पंचनामा किया और धमकी वाला पत्र व जिंदा कारतूस जब्त कर लिया. जांच अधिकारियों का कहना है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बिल्डर की कार की नंबर प्लेट के पास जानबूझकर यह पैकेट छिपाकर रखा था. इसका मकसद बिल्डर को डराना और उसे धमकी देना था. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घटना के पीछे कौन लोग शामिल हैं.
एंटी एक्सटॉर्शन सेल भी जांच में जुटी
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल भी जांच में शामिल हो गई है. जांच अधिकारी अब आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर वह शख्स कौन था जिसने कार के पास जाकर पैकेट रखा. सीसीटीवी फुटेज से संदिग्ध की पहचान करने की कोशिश की जा रही है.
अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज
इस मामले में वर्सोवा पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 3 के तहत केस दर्ज किया है. इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) और 351(3) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें मिलकर पूरे मामले की जांच कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा.