पंजाब के गुरदासपुर में भारत-पाक सीमा के नजदीक दो पुलिसकर्मियों की हत्या ने पूरे राज्य को हिला दिया. इस मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है. पंजाब के मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा है कि इस दोहरे हत्याकांड के पीछे पाकिस्तान का हाथ है. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान राज्य में डर और अस्थिरता फैलाने की साजिश कर रहा है. यह वारदात भारत-पाक बॉर्डर के बेहद संवेदनशील इलाके में हुई, जिससे सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गईं. सरकार ने इसे सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश करार दिया है.
पासिंग आउट परेड में मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह बयान जालंधर के पीएपी ग्राउंड में पासिंग आउट परेड के दौरान दिया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पुलिस बल के भीतर दहशत फैलाना चाहता है. उनके मुताबिक, पुलिसकर्मियों को निशाना बनाना इसी साजिश का हिस्सा था. उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने पुलिस बल का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं पंजाब पुलिस को कमजोर नहीं कर सकतीं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी.
आईएसआई की साजिश का दावा
इस मामले में बॉर्डर रेंज के डीआईजी संदीप गोयल ने भी बड़ा खुलासा किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) ने इस हत्या के लिए हत्यारों को किराए पर रखा था. डीआईजी के मुताबिक, आईएसआई हैंडलर्स लगातार आरोपियों के संपर्क में थे. उन्हें खास तौर पर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे. यह खुलासा इस बात की ओर इशारा करता है कि वारदात के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश हो सकती है.
मास्टरमाइंड की पहचान
डीआईजी संदीप गोयल ने बताया कि इस दोहरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड रंजीत सिंह और इंदरजीत सिंह थे. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रंजीत सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया. वहीं दिलावर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. जबकि तीसरे आरोपी इंदरजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा. जांच एजेंसियां आरोपियों के विदेशी संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं.
72 घंटे में केस सुलझाने का दावा
पंजाब पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले को महज 72 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है. डीआईजी के मुताबिक, तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया इनपुट के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया. पुलिस ने कहा कि आरोपियों की कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से आईएसआई कनेक्शन की पुष्टि हुई है. इस त्वरित कार्रवाई को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. राज्य सरकार ने भी जांच टीम की सराहना की है.
बॉर्डर पर बढ़ी सतर्कता
इस घटना के बाद भारत-पाक सीमा पर सुरक्षा और सख्त कर दी गई है. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा रही हैं. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि पंजाब की शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जाएगा. उन्होंने दोहराया कि पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है. गुरदासपुर की यह घटना एक बार फिर सीमा पार से होने वाली साजिशों की ओर इशारा करती है, जिस पर सुरक्षा एजेंसियां अब और ज्यादा सतर्क हो गई हैं.