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गाजियाबादः नरेश त्यागी मर्डर केस का खुलासा, BJP MLA के भाई ने रची थी कत्ल की साजिश

मुरादनगर के बीजेपी विधायक अजीत पाल त्यागी के मामा 60 वर्षीय नरेश त्यागी की हत्या बीती 9 अक्टूबर को गोलियों से भूनकर कर दी गई थी. वारदात को गाजियाबाद के पॉश इलाके लोहिया नगर में उस वक्त अंजाम दिया गया था, जब नरेश त्यागी अपने घर से सुबह की सैर के लिए निकले थे.

पुलिस ने हत्याकांड में शामिल शूटर्स को गिरफ्तार कर लिया है पुलिस ने हत्याकांड में शामिल शूटर्स को गिरफ्तार कर लिया है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सुबह सैर पर जाते वक्त हुआ था नरेश त्यागी का मर्डर
  • विधायक के बड़े भाई ने ही रची थी कत्ल की साजिश
  • पुलिस के हत्थे चढ़े मर्डर करने वाले दो सुपारी किलर

गाजियाबाद पुलिस ने बीजेपी विधायक के मामा के हाईप्रोफाइल मर्डर केस का खुलासा कर दिया है. दो दिन पहले ही पुलिस ने इस हत्याकांड से जुड़े हिंदू युवा वाहनी के पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र त्यागी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. उससे मिली जानकारी के आधार पर इस हत्याकांड में शामिल तीन अन्य आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया. पकड़े शातिर बदमाशों में से दो शार्प शूटर हैं. 

पुलिस के मुताबिक विधायक के बड़े भाई ने इस हत्याकांड की साजिश रची थी. खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड की साजिश विधायक के बड़े भाई के दोस्त और हिन्दू युवा वाहनी के पूर्व गाजियाबाद जिलाध्यक्ष जितेंद्र त्यागी ने ही रची थी. 

आपको बता दें कि बीजेपी के मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी के मामा 60 वर्षीय नरेश त्यागी की हत्या बीती 9 अक्टूबर को गोलियों से भूनकर कर दी गई थी. वारदात को गाजियाबाद के पॉश इलाके लोहिया नगर में उस वक्त अंजाम दिया गया था, जब नरेश त्यागी अपने घर से सुबह की सैर के लिए निकले थे. 

पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि नरेश त्यागी की हत्या भारतीय जनता पार्टी के विधायक अजीत पाल त्यागी के बड़े भाई गिरीश त्यागी ने करवाई है. गिरीश त्यागी और जितेंद्र त्यागी दोनों ने इस हत्या की साजिश रची थी. और फिर इस हत्याकांड को अंजाम दिया.

पुलिस इस मामले में जितेंद्र त्यागी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि शुक्रवार को दो शूटर विपिन शर्मा ओर अर्पण चौधरी समेत मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया. मनोज ही वो शख्स है, जिसने दोनों शूटरों को हथियार उपलब्ध कराए थे. पुलिस ने बताया कि इनके पास से हमले में इस्तेमाल की गई स्कूटी और पिस्टल बरामद हो गई है.

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पुलिस के मुताबिक घटना के पीछे पारिवारिक रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई वजह बनी. विधायक अजीत पाल का बड़ा भाई और हत्या का मुख्य सूत्राधार अभियुक्त गिरीश त्यागी अभी भी फरार है. गिरीश के हत्याकांड का मास्टरमाइंड होने की बात पहले से गिरफ्तार अभियुक्त और उसके दोस्त जितेंद्र त्यागी ने पुलिस को बताई. जितेंद्र ने खुलासा किया कि हत्या के बाद वे दोनों लखनऊ पहुंच गए थे. और वहीं से दोनों फरार हो गये थे.  

विधायक के बड़े भाई गिरीश को भी पुलिस ने नोटिस भेजा है, जो अभी तक पुलिस की पकड़ में नहीं आया. पुलिस के अनुसार हत्या के बाद 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई थी. तभी हत्यारों की पहचान हो सकी और पुलिस को उनके रूट की जानकारी हुई थी. पुलिस के अनुसार 2 लाख रुपये दोनों शूटरों विपिन शर्मा और अर्पण चौधरी को दिए जाने थे. 50 हजार रुपये उन्हें बतौर एडवांस दिए गए थे. जबकि बाकि 1.5 लाख की रकम जितेंद्र त्यागी और गिरीश को उन्हें लखनऊ से वापस लौटने के बाद देनी थी.

मामला क्योंकि हाईप्रोफाइल था, लिहाजा पुलिस ने इस केस में तेजी से जांच पड़ताल की. इस बारे में जानकारी मिलते ही गिरीश और जितेंद्र लखनऊ से फरार हो गए थे. वहीं पुलिस के अनुसार मनोज और जितेंद्र ने ही दोनों शूटरों को मृतक नरेश त्यागी की पहचान करवाई थी. और उसके सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाने के वक्त की जानकारी दी थी. हालांकि उन्हें यह नहीं बताया गया था कि उनका टारगेट नरेश त्यागी क्षेत्र के विधायक अजीत पाल त्यागी का सगा मामा है. हत्या के दिन अर्पण और विपिन स्कूटी पर सवार होकर आए थे. फिर हत्या करने के बाद एलीवेटिड रोड से होते हुए वापस दिल्ली लौट गए थे. स्कूटी गिरफ्तार किए गए विपिन की बहन की है. 

हालांकि विधायक अजीत पाल त्यागी ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठा दिए हैं और उन्होंने पुलिस की स्टोरी को सिरे से नकार दिया था. विधायक ने कहा था कि पुलिस इस हत्याकांड के खुलासे को लेकर बहुत अधिक प्रेशर में थी, जिसके चलते पुलिस ने जल्दबाजी में गलत खुलासा कर दिया. बीजेपी विधायक ने मुखर होकर पुलिस का विरोध भी जताया. वे पहले भी पुलिस पर उंगली उठा चुके हैं.

 

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