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जनकपुरी हादसा: गड्ढे में गिरा बाइकर, जान चुके थे ये 3 लोग, लेकिन... पुलिस का चौंकाने वाला खुलासा

दिल्ली में गड्ढे में गिरकर बाइकर कमल ध्यानी की मौत के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस जांच में सामने आया है कि हादसे के तुरंत बाद ठेकेदार और उसके मजदूरों को इसकी जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद किसी ने पुलिस को नहीं बताया. इस मामले में लापरवाही और सबूत छुपाने के आरोपों पर कार्रवाई तेज हो गई है.

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कमल ध्यानी के गड्ढे में गिरने के बाद गार्ड, मजदूर और ठेकेदार को सूचना मिल गई थी. (Photo: ITG/PTI)
कमल ध्यानी के गड्ढे में गिरने के बाद गार्ड, मजदूर और ठेकेदार को सूचना मिल गई थी. (Photo: ITG/PTI)

दिल्ली के जनकपुरी इलाके में खुले गड्ढे में गिरकर बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत की जांच तेज हो गई. इस जांच के दौरान चौंका देने वाला खुलासा हुआ है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि हादसे की जानकारी कई लोगों को पहले से ही थी, लेकिन इसके बावजूद न तो पुलिस को सूचना दी गई और न ही पीड़ित को बचाने की कोई कोशिश की गई.

डीसीपी (वेस्ट) शरद भास्कर ने बताया कि जांच के दौरान एक चश्मदीद सामने आया है, जिसने रात में बाइक को गड्ढे में गिरते देखा था. उसने वहां मौजूद गार्ड को जानकारी दी, जिसने आगे यह बात ठेकेदार के मजदूर योगेश तक पहुंचाई. उसने गड्ढे में बाइक की हेडलाइट जलती देखी. रात 12.22 बजे अपने मालिक राजेश प्रजापति को इसकी सूचना दी. 

इसके बावजूद किसी ने पुलिस या एंबुलेंस को फोन नहीं किया. इन सभी लोगों को पता था कि कोई व्यक्ति गड्ढे में गिर गया है, फिर भी किसी को जानकारी नहीं दी गई. इस मामले में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा. योगेश मौके से फरार है. उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम भेजी गई हैं. सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया गया है. 

पुलिस ने बताया कि कमल ध्यानी का पोस्टमार्टम कराया गया है. उसकी रिपोर्ट शनिवार शाम तक मिलने की उम्मीद है. इस बीच पीड़ित परिवार की ओर से दिल्ली जल बोर्ड और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. परिवार की ओर से पैरवी कर रहीं वकील आस्था चतुर्वेदी ने कहा कि जिस गड्ढे में कमल की जान गई, वह करीब 20 फीट गहरा था.

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उस गड्ढे पर कोई ढंग की बैरिकेडिंग या कवर मौजूद नहीं था. मौके पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड था, न रिफ्लेक्टर और न ही पर्याप्त रोशनी. जनकपुरी इलाके में जगह-जगह ऐसे खुले गड्ढे मौजूद हैं, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं. परिवार ने पुलिस पर जांच में देरी का भी आरोप लगाया है. हादसे के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद CCTV फुटेज परिवार को नहीं मिले हैं.

कमल ध्यानी के जुड़वां भाई करण ध्यानी ने बताया कि हादसे की रात परिवार ने डाबरी, विकासपुरी और सागरपुर समेत कई थानों के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली. उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत को 24 घंटे से ज्यादा हो गए हैं और पुलिस अब भी कह रही है कि सीसीटीवी कैमरे तलाशे जा रहे हैं. उन्होंने ठेकेदार की लापरवाही को हादसे की वजह बताया.

Janakpuri biker death case

स्थानीय लोगों ने भी आरोप लगाया है कि हादसे के बाद ही आनन-फानन में बैरिकेड और चेतावनी संकेत लगाए गए. जनकपुरी निवासी जसप्रीत सिंह ने कहा कि इस सड़क पर चार महीने से कंस्ट्रक्शन का मलबा और खुले गड्ढे पड़े थे, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. दिल्ली पुलिस ने शनिवार को इस मामले में सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है. 

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पुलिस का कहना है कि उसे हादसे की जानकारी पहले ही मिल गई थी, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की थी. इस मामले में जनकपुरी थाने में ठेकेदार और दिल्ली जल बोर्ड संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत केस दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि जांच जारी है. जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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