बहराइच हिंसा में जान गंवाने वाले रामगोपाल मिश्रा के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गई थी. हत्यारोपियों ने रामगोपाल को गोली मारने से पहले उसकी बेरहमी से पिटाई की थी. धारदार हथियार से भी हमला किया था. उसके चेहरे, गले और सीने में गोली के करीब 35 छर्रे लगने के निशान हैं.