अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर RPF ने ‘ऑपरेशन सेवा’ के तहत दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बरामद किया है. दोनों लड़कियां कथित तौर पर जोधपुर से अपने दोस्तों के साथ निकल गई थीं. सूचना मिलने के बाद RPF अहमदाबाद डिवीजन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों को बरामद किया और मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया.
इस कार्रवाई में RPF के साथ GRP अहमदाबाद और जोधपुर पुलिस के बीच बेहतर तालमेल भी देखने को मिला. पुलिस के मुताबिक, आरोपी दोनों लड़कियों को जोधपुर से ट्रेन के जरिए बेंगलुरु ले जाने की तैयारी में थे.
दरअसल, RPF टीम अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन नंबर 20693 जोधपुर-KSR बेंगलुरु एक्सप्रेस की जांच कर रही थी. इसी दौरान टीम को एक नाबालिग लड़की दिखाई दी. उसके साथ मौजूद युवक ने RPF को देखते ही भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया. आरोपी ने पकड़े जाने से पहले अपना मोबाइल फोन ट्रेन से बाहर फेंक दिया था.
मोबाइल में मौजूद मैसेज और कॉल रिकॉर्ड डिलीट किए गए थे, लेकिन RPF ने नडियाद रेलवे स्टेशन से फोन बरामद कर लिया और उसमें से जरूरी डिजिटल डेटा रिकवर किया. मोबाइल से मिली जानकारी के आधार पर RPF ने दूसरे आरोपी का मोबाइल नंबर हासिल किया.
इसके बाद जोधपुर पुलिस की मदद से उसकी लाइव लोकेशन ट्रेस की गई. लोकेशन के आधार पर दूसरे आरोपी को भी अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से दूसरी नाबालिग लड़की के साथ पकड़ लिया गया.
शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया और गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए दोनों नाबालिग लड़कियों से दोस्ती की थी. आरोप है कि इसके बाद दोनों को उनके घर से बहला-फुसलाकर निकालने और जोधपुर रेलवे स्टेशन के रास्ते बेंगलुरु ले जाने की योजना बनाई गई थी. आरोपियों के मोबाइल से ‘आर्यन’ के नाम का फर्जी ई-आधार कार्ड और लड़कियों के आधार कार्ड की तस्वीरें भी मिली हैं.
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय आकिब अंसारी और सैयद इब्राहिम के रूप में हुई है, दोनों बेंगलुरु के रहने वाले हैं. दोनों नाबालिग लड़कियों और आरोपियों को RPF पोस्ट अहमदाबाद लाया गया और जोधपुर के कुड़ी भगतासनी थाने को सूचना दी गई. इसके बाद लिखित मेमो के जरिए सभी को GRP अहमदाबाद को सौंप दिया गया, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई और लड़कियों को संबंधित जोधपुर पुलिस अधिकारियों के हवाले किया जा सके.
अहमदाबाद DRM वेद प्रकाश ने कहा कि रेलवे में यात्रियों, खासकर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. वहीं, सीनियर DSC अहमदाबाद अंशुमान त्रिपाठी ने कहा कि डिजिटल सबूत और जोधपुर पुलिस के साथ बेहतर समन्वय से दोनों लड़कियों को राज्य से बाहर ले जाने से पहले सुरक्षित बचा लिया गया.