ओडिशा के बालासोर जिले से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां कथित अवैध संबंधों के शक में एक व्यक्ति ने अपने ही दोस्त की हत्या कर दी. पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद मुख्य आरोपी को महाराष्ट्र के मुंबई से गिरफ्तार किया है. आरोपी की निशानदेही पर लाश बरामद की गई है. अब पुलिस इस पूरी वारदात की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.
मृतक की पहचान बालासोर जिले के नीलगिरि ब्लॉक के केशीपुर पंचायत स्थित जमुना गांव निवासी बिरेंद्र बेहरा के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, बिरेंद्र 31 मई को अपने दोस्त बिरेन मढ़ेई के साथ डंपर चालक के रूप में काम करने के लिए पड़ोसी जिले मयूरभंज के काप्तीपाड़ा गया था. इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटा। परिवार वालों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला.
पति के अचानक लापता होने से चिंतित उसकी पत्नी सावित्री बेहरा ने बेरहामपुर पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और बिरेंद्र की गतिविधियों के साथ-साथ उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से पूछताछ की. इसी दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले, जिन्होंने जांच की दिशा बदल दी.
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बिरेंद्र बेहरा और बिरेन मढ़ेई लंबे समय से अच्छे दोस्त थे. दोनों अक्सर राज्य के बाहर जाकर काम करते थे. लेकिन दोनों के रिश्तों में तब तनाव आ गया जब बिरेंद्र पर बिरेन की पत्नी के साथ अवैध संबंध रखने का आरोप लगा. इसी विवाद के कारण दोनों के बीच लगातार मनमुटाव चल रहा था.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए मामला पहले गांव की समिति के सामने रखा गया था. गांव के बुजुर्गों और सरपंच ने हस्तक्षेप कर समझौता कराने की कोशिश की थी. बताया गया कि समझौते के तहत 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था. हालांकि इसके बावजूद दोनों के बीच तनाव खत्म नहीं हुआ.
बालासोर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रमोद कुमार मलिक के अनुसार, आरोपी को अपनी पत्नी और बिरेंद्र के बीच अवैध संबंध का शक था. इसी वजह से उसने अपने दोस्त को बुलाया और उसकी हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक यह वारदात 25 मई को हुई थी. हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की और शव को जंगल में दफना दिया.
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी बिरेन मढ़ेई की भूमिका पर शक हुआ. तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस उसकी तलाश में जुटी रही. आखिरकार पुलिस ने उसे महाराष्ट्र के मुंबई से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ओडिशा लाया गया, जहां उससे गहन पूछताछ की गई.
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या करने की बात स्वीकार कर ली. उसने पुलिस को उस जगह की जानकारी भी दी जहां उसने शव को दफनाया था. आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके ससुराल के पास स्थित इलाके से मानव अवशेष बरामद किए. इसके बाद मामले में हत्या की पुष्टि हो गई.
मामले की जांच को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस आरोपी को मौका-ए-वारदात पर लेकर गई और पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराया. अधिकारियों का कहना है कि हत्या की पूरी साजिश, घटनाक्रम और अन्य संभावित सबूतों की जांच की जा रही है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या से पहले और बाद में क्या-क्या हुआ था. मामले की जांच अभी जारी है.