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NCRB Report 2024: विदेशी नागरिकों से जुड़े अपराधों में पश्चिम बंगाल टॉप पर, सबसे ज्यादा आरोपी इस देश के

NCRB Report 2024 में विदेशी नागरिकों से जुड़े अपराधों के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. ऐसे मामलों में पश्चिम बंगाल सबसे ऊपर रहा, जबकि बांग्लादेश के नागरिक सबसे ज्यादा आरोपी पाए गए. रिपोर्ट में अवैध घुसपैठ, ड्रग्स, चोरी और हत्या जैसे मामलों का खुलासा हुआ है.

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सबसे ज्यादा आरोपी बांग्लादेशी पाए गए हैं (सांकेतिक फोटो-ITG)
सबसे ज्यादा आरोपी बांग्लादेशी पाए गए हैं (सांकेतिक फोटो-ITG)

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2024 की ताजा रिपोर्ट में भारत में विदेशी नागरिकों से जुड़े अपराधों को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं. रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है जब देश में सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार बहस चल रही है. आंकड़ों के मुताबिक कई राज्यों में विदेशी नागरिकों से जुड़े अपराध तेजी से बढ़े हैं. वहीं विदेशी नागरिकों के खिलाफ होने वाले अपराधों में भी इजाफा दर्ज किया गया है.

NCRB रिपोर्ट के अनुसार विदेशी नागरिकों द्वारा किए गए अपराधों में पश्चिम बंगाल देश में सबसे ऊपर रहा. जहां कुल 992 मामले दर्ज किए गए. वहीं केंद्र शासित प्रदेशों की बात करें तो देश की राजधानी दिल्ली इस सूची में पहले स्थान पर है. रिपोर्ट बताती है कि सीमा से जुड़े राज्यों और महानगरों में ऐसे मामलों की संख्या ज्यादा सामने आ रही है. इस बात ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ा दी है.

NCRB 2024 के मुताबिक विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के कुल 4,794 मामलों में सबसे ज्यादा आरोपी बांग्लादेश के नागरिक पाए गए. इनके खिलाफ 3,091 मामले दर्ज हुए. इसके बाद नाइजीरिया के 509, नेपाल के 476 और म्यांमार के 245 नागरिकों के खिलाफ केस दर्ज किए गए. रिपोर्ट में साफ हुआ कि अवैध प्रवेश और दस्तावेजों से जुड़े मामलों में सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं.

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विदेशी नागरिकों पर सबसे ज्यादा मामले फोरेन एक्ट और विदेशियों का पंजीकरण अधिनियम के तहत दर्ज किए गए. इसके अलावा पासपोर्ट एक्ट के तहत अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े कई केस सामने आए. वहीं NDPS Act के तहत ड्रग्स तस्करी और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में भी बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक पकड़े गए. जांच एजेंसियों के लिए यह आंकड़े काफी अहम माने जा रहे हैं.

सामान्य अपराधों की बात करें तो IPC और BNS के तहत भी विदेशी नागरिकों के खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हुए. रिपोर्ट के अनुसार जालसाजी के 127, चोरी के 112 और धोखाधड़ी के 78 मामले सामने आए. इसके अलावा हत्या जैसे गंभीर अपराधों के भी 45 केस दर्ज किए गए. इससे साफ है कि विदेशी नागरिकों से जुड़े अपराध सिर्फ अवैध घुसपैठ तक सीमित नहीं हैं.

रिपोर्ट में बांग्लादेश के नागरिकों से जुड़े मामलों का अलग पैटर्न सामने आया है. कुल 3,091 मामलों में से 54.2 प्रतिशत केस फोरेन एक्ट के तहत दर्ज हुए. वहीं 41.5 प्रतिशत मामले पासपोर्ट एक्ट के तहत पाए गए. इसका मतलब है कि ज्यादातर मामले अवैध तरीके से भारत में प्रवेश और दस्तावेजों में गड़बड़ी से जुड़े थे. सीमा पार घुसपैठ को लेकर यह आंकड़े बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं.

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नाइजीरिया के नागरिकों के खिलाफ सबसे ज्यादा मामले NDPS Act यानी ड्रग्स तस्करी से जुड़े पाए गए. रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे 259 केस दर्ज हुए. वहीं नेपाल के नागरिकों के मामलों में NDPS Act के 129 केस और चोरी के 90 मामले सामने आए. इससे यह भी संकेत मिलता है कि अलग-अलग देशों के नागरिक अलग-अलग तरह के अपराधों में ज्यादा शामिल पाए गए.

NCRB रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सिर्फ विदेशी नागरिकों द्वारा अपराध ही नहीं बढ़े, बल्कि विदेशियों के खिलाफ होने वाले अपराधों में भी इजाफा हुआ है. 2023 में ऐसे 238 मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 में बढ़कर 257 हो गए. राज्यों में महाराष्ट्र 41 मामलों के साथ सबसे आगे रहा, जबकि कर्नाटक में 32 मामले दर्ज किए गए. केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली 64 मामलों के साथ टॉप पर रही.

विदेशियों के खिलाफ भारत में सबसे ज्यादा चोरी के 62 मामले दर्ज किए गए. इसके अलावा रेप के 20, छेड़छाड़ के 17, हत्या के 15 और अपहरण के 13 मामले भी सामने आए. NCRB के अनुसार कुल 257 विदेशी पीड़ितों में 156 पर्यटक थे, जबकि 101 अन्य विदेशी नागरिक शामिल थे. इनमें सबसे ज्यादा पीड़ित नेपाल के 71 नागरिक रहे, जबकि बांग्लादेश के 52 नागरिक भी अपराध का शिकार बने.

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