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आर्यन केस की सुनवाई कर रहे जज बोले- 20 को भी मैं बहुत बिजी, फैसला सुनाने की कोशिश करूंगा

मुनमुन धमेचा के वकील अली काशिफ खान के मुताबिक जज वीवी पाटिल ने कहा है कि उनके पास बहुत ज्यादा काम है. लेकिन वो पूरी कोशिश करेंगे कि 20 तारीख की सुबह जल्द से जल्द फैसला सुना पाएं.

अब आर्यन खान को 20 अक्टूबर तक आम कैदियों के साथ जेल में रहना होगा अब आर्यन खान को 20 अक्टूबर तक आम कैदियों के साथ जेल में रहना होगा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सुनवाई के दौरान लेट पहुंचे थे एनसीबी के वकील
  • दोनों तरफ से पेश की गईं बहुत सी दलीलें
  • अब 20 अक्टूबर को हो सकता है जमानत पर फैसला

मुंबई क्रूज शिप ड्रग्स केस को लेकर किंग खान के बेटे आर्यन खान की जमानत अब 20 अक्टूबर तक टल गई. इस मामले पर गुरुवार को एनसीबी और बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में काफी दलीलें पेश की. लेकिन आर्यन को ड्रग्स केस में राहत नहीं मिल सकी और सेशंस कोर्ट के जज वीवी पाटिल ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. 

कोर्ट में सुनवाई के दौरान मौजूद रहे मुनमुन धमेचा के वकील अली काशिफ खान के मुताबिक जज वीवी पाटिल ने कहा है कि उनके पास बहुत ज्यादा काम है. लेकिन वो पूरी कोशिश करेंगे कि 20 तारीख की सुबह जल्द से जल्द फैसला सुना पाएं. खान ने बताया कि इस मामले में आठ आरोपी बनाए गए हैं. सबके वकीलों ने दलीलें पेश की हैं, पर्चे दाखिल किए हैं. उन सबको रिकॉर्ड पर लेना भी कोर्ट के लिए बड़ा काम है. जिसमें वक्त लगता है. इसलिए 20 तक इंतजार करना होगा. 

हालांकि एनसीबी ने कोर्ट में सबकी दलीलों को काटा है. एनसीबी के वकीलों ने कहा कि आर्यन खान इस साजिश में शामिल हैं. उनके चैट से पता चला कि वो खरीद फरोख्त में शामिल थे. पैडलर्स के संपर्क में थे. आर्यन खान के वकील अमित देसाई ने पूछा कि क्या ये लड़का आपको लगता है कि इंटरनेशनल ड्रग ट्रैफिकिंग में शामिल होगा? एनसीबी कहती है कि हम MEA के संपर्क में हैं. तो आप अपनी जांच करिए, लेकिन आर्यन पर लगे आरोप बिल्कुल ही गलत और बेबुनियाद हैं.

कोर्ट के पास ज्यादा वक्त नहीं था

कोर्ट में मौजूद हमारी संवादाता के मुताबिक शाम 5 बजे का समय हो चुका था. कोर्ट के पास ज्यादा वक्त नहीं था. अब एक दिन का पूरा आर्ग्युमेंट है, जो पूरा कोर्ट को नोट डाउन करना पड़ेगा. जज वीवी पाटिल ने कहा कि वो बहुत बिजी हैं. लेकिन 20 तारीख को कोशिश करेंगे कि फैसला दे दें. 

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आर्यन के वकील अमित देसाई के पास चैट नहीं थे. लेकिन उन्होंने कोर्ट से कहा कि आजकल की यंग जनरेशन मैसेज पर ऐसे ही बात करती है. साफ सरल भाषा में यंग जनलेशन ऐसे ही बात करती है. ये कोई कोड वर्ड नहीं. जिसे कोर्ट में एनसीबी कोर्ड वर्ड बता रही है. देसाई ने कहा कि आर्यन किसी इंटरनेशनल ड्रग ट्रेफिंकिंग में शामिल नहीं हैं. वे विदेश में रहे हैं. और कई देशों में गांजा लेना आम सी बात है. उसके लिए यहां पर सजा देना गलत होगा. इसके अलावा उन्होंने बहुत सारी दलीलें दी.

ड्रग नहीं मिलने पर भी धारा 37

एनसीबी के तरफ से पेश हुए एएसजी अनिल सिंह ने कहा कि जांच चल रही है. जांच के समय में इन लोगों को छोड़ देना ठीक नहीं. इससे उनकी जांच पर असर पडेगा. अरमान कोहली के मामले में एनसीबी ने इसी अदालत में ये दलील दी थी. और अदालत ने उनकी बेल रिजेक्ट कर दी थी. उन्हें अभी तक बेल नहीं  मिली है. एनसीबी की तरफ से ये भी बोलने की कोशिश की गई कि अरमान कोहली का मामला सिमिलर है. इस मामले में भी जमानत रिजेक्ट कर देनी चाहिए. अनिल सिंह ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत ये जुर्म है. साजिश में सीधे बेल मिलना ज़रूरी नहीं. ड्रग नहीं मिलने पर भी धारा 37 लागू होती है. ये जुर्म है. आरोपियों के युवा होने की दलील से भी उन्होंने इनकार कर दिया. 

आर्यन के वकील अमित देसाई ने कहा कि वे जमानत उसकी आजादी के लिए मांग रहे हैं. ना कि उसे केस से बरी करने के लिए. गुरुवार को एनसीबी की तरफ से पेश हुए अनिल सिंह देरी से आए थे. वह हाई कोर्ट में एक दूसरे मामले की सुनवाई में पेश होने के लिए गए थे. उन्होंने सेशंस कोर्ट से देरी के लिए माफी भी मांगी. दोनों तरफ से कोर्ट में बहुत सी दलीलें दी गई हैं. लेकिन कोर्ट ने अपनी तरफ से कोई ओपीनियन नहीं दिया. जब ऑर्डर बनेगा तभी पता चलेगा कि किस पक्ष की दलीलें मजबूत थीं. अब देखना है कि दशहरे की छुट्टी के बाद बुधवार को जज वीवी पाटिल इस मामले में क्या फैसला देंगे. 

 

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