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फर्जी IRCTC एजेंट बनकर 3 साल में बेच डाले 500 से ज्यादा नकली रेलवे टिकट, ऐसे पकड़ा गया जालसाज

अहमदाबाद आरपीएफ ने फर्जी रेलवे टिकट बनाकर यात्रियों से ठगी करने वाले उपेंद्र द्विवेदी को गिरफ्तार किया है. आरोपी पिछले तीन साल में सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद समेत कई शहरों में 500 से ज्यादा नकली टिकट बेच चुका था. पढ़ें पूरी कहानी.

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RPF ने शातिर उपेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है (फोटो-ITG)
RPF ने शातिर उपेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है (फोटो-ITG)

अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को फर्जी टिकट देकर ठगने वाले एक बड़े जालसाज को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गिरफ्तार किया है. आरपीएफ की सीपीडीएस टीम को स्टेशन परिसर में एक संदिग्ध व्यक्ति घूमता हुआ नजर आया. टीम ने जब उस व्यक्ति पर नजर रखी तो पता चला कि वह पहले भी अहमदाबाद रेलवे आरक्षण केंद्र के आसपास लोगों से संपर्क करता था. वह खुद को आईआरसीटीसी का अधिकृत एजेंट बताकर जरूरतमंद यात्रियों को टिकट दिलाने का भरोसा देता था. इसी शक के आधार पर आरपीएफ ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से फर्जी टिकट बनाकर यात्रियों से पैसे ऐंठ रहा था. इसके बाद आरपीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

ऐसे करता था ठगी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान उपेंद्र द्विवेदी के रूप में हुई है. जांच में सामने आया कि वह खुद को आईआरसीटीसी का एजेंट बताकर लोगों को भरोसे में लेता था. यात्रियों को लगता था कि वह रेलवे का अधिकृत टिकट एजेंट है और आसानी से कन्फर्म टिकट दिला सकता है. इसी भरोसे का फायदा उठाकर वह यात्रियों से पैसे ले लेता था. इसके बाद वह मोबाइल ऐप की मदद से नकली टिकट तैयार कर देता था. पहली नजर में ये टिकट बिल्कुल असली जैसे दिखते थे, इसलिए लोग धोखा खा जाते थे. इस तरह वह कई यात्रियों को फर्जी टिकट देकर ठग चुका था.

मोबाइल ऐप से बनाता था नकली टिकट
जांच में पता चला कि उपेंद्र द्विवेदी फर्जी टिकट बनाने के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करता था. वह गूगल डॉक और पीडीएफ एलिमेंट जैसे मोबाइल ऐप के जरिए टिकट का फॉर्मेट तैयार करता था. इसके बाद वह उसमें यात्रा से जुड़ी जानकारी एडिट करके नकली ई-टिकट बना देता था. ये टिकट देखने में बिल्कुल असली रेलवे टिकट जैसे लगते थे. वह इन टिकटों को पीडीएफ फाइल के रूप में यात्रियों को व्हाट्सएप पर भेज देता था. कई बार वह सीधे प्रिंट निकालकर भी यात्रियों को दे देता था। इसी तरीके से उसने बड़ी संख्या में लोगों को धोखा दिया.

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3 साल में बेचे 500 से ज्यादा टिकट
आरपीएफ की जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले करीब तीन साल से यह ठगी कर रहा था. इस दौरान उसने सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद समेत कई शहरों में यात्रियों को फर्जी टिकट बेचे. शुरुआती पूछताछ में पता चला कि उसने 500 से ज्यादा नकली टिकट बेचकर लाखों रुपये की ठगी की है. आरोपी खासतौर पर उन यात्रियों को निशाना बनाता था जिन्हें तुरंत टिकट चाहिए होता था. वह ऐसे लोगों को भरोसा दिलाता था कि वह आसानी से कन्फर्म टिकट दिला सकता है. इसी लालच में लोग उसके झांसे में आ जाते थे.

व्हाट्सएप से भेजता था फर्जी ई-टिकट
आरपीएफ अधिकारियों ने जब उपेंद्र द्विवेदी के मोबाइल की जांच की तो कई अहम खुलासे हुए. जांच में पता चला कि 7 मार्च को उसने विजय नाम के एक व्यक्ति को व्हाट्सएप पर एक ई-टिकट का पीडीएफ भेजा था. उस टिकट में यात्रा का विवरण अहमदाबाद से बांदा तक का था. टिकट में पीएनआर नंबर 8425364509, ट्रेन नंबर 19483 और स्लीपर क्लास की जानकारी दी गई थी. यात्रा की तारीख 25 अप्रैल 2026 और टिकट की राशि 1965 रुपये दिखाई गई थी. पहली नजर में यह टिकट बिल्कुल असली लग रहा था.

PNR की जांच में फर्जी निकला टिकट
जब आरपीएफ ने मौके पर उस टिकट के पीएनआर नंबर की जांच की तो पूरा मामला खुल गया. जांच में पता चला कि वह टिकट पूरी तरह फर्जी था और रेलवे सिस्टम में उसका कोई रिकॉर्ड नहीं था. इसके बाद अधिकारियों ने विजय नाम के यात्री से संपर्क किया. विजय ने बताया कि उसने अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पीआरएस काउंटर के पास उपेंद्र नाम के व्यक्ति को 2000 रुपये देकर टिकट लिया था. जब विजय को असली स्थिति बताई गई तो उसे भी पता चला कि उसके साथ ठगी हो गई है.

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कई यात्रियों को बनाया शिकार
आगे की पूछताछ में आरोपी ने कई और खुलासे किए. उसने स्वीकार किया कि वह सूरत, उदना, भरूच, अंकलेश्वर, वडोदरा और अहमदाबाद रेलवे स्टेशनों पर इस तरह की ठगी कर चुका है. आरोपी जरूरतमंद यात्रियों को तलाशता था और उन्हें जल्दी टिकट दिलाने का लालच देता था. इसके बाद वह एडिट किए हुए नकली ई-टिकट देकर पैसे ले लेता था. आरपीएफ को उसके मोबाइल में करीब 20 से 25 फर्जी ई-टिकट की पीडीएफ भी मिली हैं. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसने बड़ी संख्या में यात्रियों को ठगा है.

आरोपी के खिलाफ केस दर्ज
मामले में पीड़ित यात्री विजय ने अहमदाबाद जीआरपी में ठगी की शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद आरपीएफ ने आरोपी उपेंद्र द्विवेदी को आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी अहमदाबाद के हवाले कर दिया. पुलिस ने उसके खिलाफ केस नंबर CR NO-11994001260078/2026 दर्ज किया है. उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(2), 336(2), 336(3) और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस ठगी में उसके साथ और कौन-कौन शामिल था.

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