
भोपाल में 31 साल की ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि सवालों, आरोपों और मिस्ट्री से भरी ऐसी कहानी बन चुका है, जिसने हर किसी को झकझोर दिया है. ट्विशा की लाश पिछले 9 दिनों से सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखी हुई है. परिवार अंतिम संस्कार करने को तैयार नहीं है, क्योंकि उनका कहना है कि उन्हें अब तक इंसाफ नहीं मिला. इस पूरे मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह फरार बताया जा रहा है, जबकि ट्विशा की सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल चुकी है. ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि ऐसे हालात में आखिर ट्विशा को इंसाफ कैसे मिलेगा?
इस संदिग्ध मौत के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. अब ट्विशा के परिवार ने दावा किया है कि उसकी मौत के अगले दिन यानी 13 मई को उसकी सास गिरिबाला सिंह ने कई लोगों को फोन किए थे. परिवार के मुताबिक इन कॉल्स में ज्यूडिशरी से जुड़े कुछ लोग, रिश्तेदार और अन्य परिचित शामिल थे. इतना ही नहीं, सीसीटीवी कैमरे लगाने वाले युवकों को भी कॉल किए जाने का दावा किया गया है. परिवार का कहना है कि इन कॉल्स की गहराई से जांच होनी चाहिए, क्योंकि इससे केस की कई परतें खुल सकती हैं.
ट्विशा के परिवार ने पुलिस और जांच एजेंसियों से मांग की है कि इन सभी नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR, टॉवर लोकेशन, टॉवर डंप, इंटरनेट लॉग्स, ई-मेल कम्युनिकेशन और व्हाट्सएप चैट्स की जांच की जाए. परिवार का कहना है कि इस केस से जुड़े हर डिजिटल सबूत को तत्काल सुरक्षित किया जाना चाहिए. इसके अलावा सोशल मीडिया चैट, क्लाउड डेटा, लोकेशन हिस्ट्री, कॉल रिकॉर्डिंग और डेटा ट्रांसफर हिस्ट्री को भी सीज करने की मांग की गई है. उनका आरोप है कि अगर समय रहते ऐसा नहीं किया गया तो अहम सबूत मिटाए जा सकते हैं.
पीड़ित परिवार ने यह भी कहा है कि गिरिबाला सिंह से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच जरूरी है. जिनमें निजी सहायक, ड्राइवर, घरेलू नौकर, घर का स्टाफ और डेड बॉडी के ट्रांसपोर्ट में शामिल लोग भी शामिल हैं. परिवार चाहता है कि घटना से पहले और बाद में ट्विशा और आरोपियों के संपर्क में रहे हर व्यक्ति का डेटा सुरक्षित किया जाए. उनका कहना है कि इस पूरे मामले में कई ऐसे लोग हैं, जिनकी जानकारी जांच को नई दिशा दे सकती है. इसलिए हर व्यक्ति के कम्युनिकेशन रिकॉर्ड की जांच बेहद जरूरी है.
इस केस को सबसे बड़ा मोड़ उस वक्त मिला जब सीसीटीवी फुटेज सामने आई. फुटेज में ट्विशा शर्मा को बिल्डिंग की सीढ़ियों से छत की तरफ जाते हुए देखा गया. वह सामान्य हालत में नजर आ रही थी और उसके हाथ में हेडफोन था. लेकिन करीब एक घंटे बाद वही ट्विशा बेहद गंभीर हालत में नीचे लाई जाती दिखाई दी. फुटेज में उसके पति समर्थ सिंह और तीन अन्य लोग उसे नीचे लाते नजर आए. इसी एक घंटे ने अब पूरे मामले को रहस्य में बदल दिया है.

जांच एजेंसियां अब यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर उस एक घंटे के दौरान छत पर क्या हुआ था. परिवार का कहना है कि ट्विशा पूरी तरह सामान्य थी और उसने छत पर जाने के बाद अपनी मां को फोन भी किया था. ट्विशा की मां के मुताबिक बातचीत के दौरान उसने ससुराल में हो रही प्रताड़ना का जिक्र किया था. तभी फोन पर किसी पुरुष की आवाज सुनाई दी और अचानक कॉल कट गया. परिवार को शक है कि वह आवाज उसके पति समर्थ सिंह की हो सकती है. इसके कुछ ही देर बाद ट्विशा की मौत की खबर आई.
पहली सीसीटीवी फुटेज में कैमरे की तारीख और समय गलत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन तस्वीर असल में 12 मई की रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है. वीडियो में ट्विशा सीढ़ियों के जरिए छत की तरफ जाती दिखाई देती है. उसके हाथ में रस्सी जैसी कोई चीज नजर आती है. इसके बाद दूसरी फुटेज सामने आती है, जिसमें समर्थ सिंह ट्विशा को सीपीआर देने की कोशिश करता दिखता है. तभी उसकी सास गिरिबाला सिंह ऊपर आती हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि वह सीढ़ियों की तरफ देखे बिना पास के कमरे में चली जाती है.
कुछ देर बाद एक और शख्स वहां भागता हुआ पहुंचता है. फिर गिरिबाला सिंह कमरे से बाहर आती हैं और इस बार ऊपर की तरफ देखती हैं, लेकिन उनके चेहरे पर किसी तरह की घबराहट नजर नहीं आती. बाद में वह नीचे चली जाती है और समर्थ सिंह दो लोगों की मदद से ट्विशा को नीचे लेकर जाता दिखाई देता है. यही फुटेज अब जांच का सबसे अहम हिस्सा बन चुकी है. परिवार का कहना है कि इस वीडियो में कई ऐसी बातें हैं, जो पूरी कहानी को संदिग्ध बनाती हैं.
ट्विशा की शादी को अभी सिर्फ पांच महीने ही हुए थे. लेकिन इन पांच महीनों में उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी. परिवार के मुताबिक वह अक्सर अपने मायके फोन करके पति और ससुराल वालों द्वारा मानसिक प्रताड़ना दिए जाने की शिकायत करती थी. 12 मई की रात भी उसने रोते हुए अपने परिवार से ऐसी ही बातें की थीं. लेकिन इससे पहले कि घर वाले कोई ठोस कदम उठा पाते, ट्विशा की मौत की खबर आ गई. बाद में उसकी लाश ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली.
नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा एक खुशमिजाज लड़की थी. उसने मॉडलिंग की दुनिया में काम किया था और कुछ साउथ इंडियन फिल्मों में भी नजर आई थी. एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए उसकी मुलाकात भोपाल के क्रिमिनल लॉयर समर्थ सिंह से हुई थी. समर्थ एक रिटायर्ड जज का बेटा है. दोनों परिवारों की सहमति से शादी हुई थी और सबकुछ सामान्य लग रहा था. लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद हालात इतने बिगड़ गए कि अब यह मामला मौत और आरोपों तक पहुंच चुका है.

ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह भोपाल में जज रह चुकी हैं और वर्तमान में उपभोक्ता फोरम बेंच-2 की अध्यक्ष हैं. ट्विशा के परिवार का आरोप है कि उनका रसूख ही इंसाफ की राह में सबसे बड़ी बाधा बन रहा है. परिवार का कहना है कि सिस्टम पूरी तरह दबाव में दिखाई दे रहा है. यही वजह है कि वे लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. परिवार अब जानना चाहता है कि ट्विशा की जिंदगी के आखिरी घंटों में आखिर क्या हुआ था.
ट्विशा के भाई हर्षित शर्मा भारतीय सेना में मेजर हैं. परिवार का कहना है कि देश की सुरक्षा करने वाला उनका बेटा भी अपनी बहन को बचा नहीं सका. घरवालों के मुताबिक ट्विशा ने मौत से कुछ घंटे पहले फोन करके कहा था कि वह लगातार मानसिक प्रताड़ना झेल रही है. उसे छोटी-छोटी बातों पर अपमानित किया जा रहा है और वह अब ससुराल छोड़कर वापस घर लौटना चाहती है. लेकिन इससे पहले कि वह लौट पाती, उसकी मौत हो गई.
ट्विशा के माता-पिता का कहना है कि वे उसी रात भोपाल जाना चाहते थे, लेकिन गिरिबाला सिंह ने मौसम खराब होने का हवाला देकर उन्हें आने से रोक दिया. रात करीब 10 बजकर 5 मिनट पर ट्विशा ने अपनी मां से आखिरी बार बात की थी. उसने कहा था कि वह बहुत परेशान है और अब सबकुछ सहन नहीं कर पा रही. लेकिन कुछ ही देर बाद फोन कट गया. करीब 15 मिनट बाद सास गिरिबाला सिंह का फोन आया कि ट्विशा फंदे से लटक गई थी और उसे एम्स ले जाया जा रहा है.
ससुराल वालों का कहना है कि पूरा परिवार रात साढ़े 9 बजे तक नीचे बैठकर टीवी देख रहा था. इसके बाद ट्विशा फोन लेकर छत पर चली गई थी, क्योंकि वह अक्सर वहीं जाकर बात करती थी. परिवार का दावा है कि कुछ देर बाद उन्होंने ट्विशा को एक्सरसाइज वाली इलास्टिक बेल्ट के सहारे लटका हुआ देखा. उनका कहना है कि उन्होंने उसे नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. हालांकि इस कहानी पर अब कई सवाल उठ रहे हैं.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर कई चोटों के निशान मिलने की बात सामने आई है. इसके बाद परिवार के आरोप और गंभीर हो गए हैं. उनका कहना है कि ट्विशा लगातार टॉर्चर झेल रही थी और चोटों के निशान उसी का सबूत हैं. परिवार अब दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम करवाने की मांग कर रहा है. इसी वजह से उन्होंने अब तक अंतिम संस्कार नहीं किया है और ट्विशा का शव भोपाल की मोर्चरी में रखा हुआ है.

इस मामले में फंदे वाली बेल्ट भी एक बड़ा सवाल बन चुकी है. ससुराल वालों का कहना था कि ट्विशा ने एक्सरसाइज बेल्ट से फंदा लगाया था. आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में उस बेल्ट को फॉरेंसिक जांच के लिए नहीं भेजा, जिससे लिगेचर मार्क का मिलान नहीं हो सका. बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि बेल्ट जब्त कर ली गई थी और जल्द ही उसकी रिपोर्ट आने की उम्मीद है.
दूसरी तरफ, ट्विशा के शव के पास कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला था. हालांकि उसकी दोस्त मीनाक्षी के साथ हुई चैट सामने आई है, जिसमें ट्विशा खुद को बुरी तरह फंसा हुआ बता रही थी. अब परिवार कटारा हिल्स थाने से लेकर सीएम हाउस तक इंसाफ की गुहार लगा रहा है. पुलिस ने इस मामले में एसआईटी बना दी है और पति समर्थ सिंह व सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया गया है.
वहीं, गिरिबाला सिंह ने अदालत में ट्विशा को ड्रग एडिक्ट बताया है, जबकि मायके वालों का कहना है कि मौत के बाद अब उनकी बेटी का चरित्रहनन किया जा रहा है. हैरानी की बात यही है कि ट्विशा की मौत के मामले में आरोपी सास को महज एक दिन में जमानत मिल गई, मगर 9 दिन बाद भी ट्विशा का लाश का अंतिम संस्कार नहीं हो सका. क्योंकि इस मामले में पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं है.