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जेल में गैंगस्टर, देश में दहशत… दिल्ली में अपराधी बेलगाम, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खुला चैलेंज!

दिल्ली और मुंबई में संगठित अपराध बेकाबू होता दिख रहा है. जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई का गैंग खुलेआम हत्याओं और फायरिंग की जिम्मेदारी ले रहा है. वहीं दूसरी तरफ, राजधानी में कार से तीन लाशें मिलने का रहस्य गहराता जा रहा है. सवाल यह है कि क्या दिल्ली में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है.

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सरेआम हत्याकांड, सोशल मीडिया पर कबूलनामा, क्राइम की नई मॉडस ऑपरेंडी. (Photo: ITG)
सरेआम हत्याकांड, सोशल मीडिया पर कबूलनामा, क्राइम की नई मॉडस ऑपरेंडी. (Photo: ITG)

कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई मुंबई से लेकर दिल्ली तक, इन दिनों खौफ का दूसरा नाम बन चुका है. मुंबई से रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग से लेकर रणवीर सिंह को जान से मारने की धमकी तक, दिल्ली में कारोबारी के घर गोलीबारी से लेकर जेल के अंदर हत्या तक में उसका नाम सामने आया है.

इन दोनों बड़े महानगरों में होने वाली हर दूसरी वारदात के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आता है. दिल्ली पुलिस, क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की मौजूदगी के बावजूद राजधानी में एक के बाद एक सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है. हैरानी की बात यह है कि गैंग का सरगना जेल में बंद है.

उसके गुर्गे विदेशों में बैठे हैं. लेकिन दिल्ली में गोलियां चल रही हैं. दिल्ली के बवाना इलाके में कारोबारी वैभव गांधी की दिनदहाड़े हत्या ने राजधानी को झकझोर दिया. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखता है कि शूटरों ने कई राउंड फायरिंग की. जान बचाने के लिए वैभव भागे, लेकिन बेखौफ हमलावरों ने पीछा किया.

इसके बाद गोलियों से उनके जिस्म को छलनी कर दिया. इस हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैंग की ओर से पोस्ट कर हत्या की जिम्मेदारी ली गई. इसमें दावा किया गया कि यह वारदात रणदीप मलिक और अनिल पंडित ने करवाई है. गैंग के काम में दखल देने वालों को बिना चेतावनी खत्म कर दिया जाएगा.

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सूत्रों के मुताबिक, वैभव गांधी की हत्या से कुछ दिन पहले ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दिल्ली के एक कारोबारी से पांच करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी. वसूली के दबाव में कारोबारी के घर पर फायरिंग तक कराई गई. उस फायरिंग की जिम्मेदारी भी बेखौफ होकर सोशल मीडिया पर खुलेआम ली गई थी.

इसी तरह पश्चिम विहार में आरके फिटनेस जिम पर फायरिंग के बाद भी धमकी भरा पोस्ट डाला गया. पोस्ट में साफ लिखा गया कि कॉल न उठाने पर गोली मारी गई और अगली बार जान से मार दिया जाएगा. यह पोस्ट सीधे-सीधे दिल्ली पुलिस को खुली चुनौती थी. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई जेल में बंद है. हाशिम बाबा भी जेल में है.

इसके बावजूद इनके गैंग्स दिल्ली में सक्रिय हैं. जितेंद्र मान उर्फ गोगी की मौत हो चुकी है, फिर भी उसका नेटवर्क मौजूद है. काला राणा जेल में है. रणदीप मलिक और अनिल पंडित विदेश में बैठकर वारदात करा रहे हैं. सवाल यही है कि जब गैंगस्टर जेल में हैं, तो गोलियां कैसे चल रही हैं. संगठित अपराध पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही.

दिल्ली पुलिस ने हाल ही में दावा किया था कि 48 घंटे चले ऑपरेशन गैंग बस्ट में 280 गैंगस्टर और 854 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. पुलिस जब अपनी पीठ थपथपा रही थी, उसी दौरान लॉरेंस बिश्नोई के साथ अन्य गैंगस्टरों के गैंग ने राजधानी में फायरिंग कर अपने इरादे साफ कर दिए.

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इसी बीच दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक सफेद कार से तीन डेड बॉडी मिलने से हड़कंप मच गया. ड्राइविंग सीट पर रणधीर, पीछे शिव नरेश और लक्ष्मी नाम की महिला की लाश मिली. शुरुआती जांच में पुलिस इसे ट्रिपल सुसाइड मान रही थी, क्योंकि किसी तरह की चोट या जबरदस्ती के निशान नहीं मिले. लेकिन जांच उलझ गई है.

इस मामले में एक तांत्रिक की एंट्री सामने आई है. मृतकों के परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि साजिशन हत्या है. शक जताया जा रहा है कि शराब या किसी अन्य माध्यम से तीनों को जहर दिया गया. तांत्रिक पर आरोप है कि वह तंत्र-मंत्र से पैसे दोगुना करने का झांसा देता था और कई लोग उसके जाल में फंस चुके हैं.

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