उत्तर प्रदेश के बरेली में एक मेडिकल कॉलेज की बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां कोविड मरीजों के लिए बनाए गए अस्पताल में पानी का पाइप फटने से अचानक बारिश का पानी भर गया. अस्पताल के अंदर जहां पर मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था की गई थी. वहां बीच में ही पाइप फट गया और कमरे के बीचों-बीच झरने की तरह पानी बहने लगा. थोड़ी ही देर में वार्ड में चारों तरफ पानी ही पानी दिखने लगा. जिसके बाद कुछ मरीजों ने ट्विटर पर इसकी शिकायत की. ट्विटर पर शिकायत होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन होश में आया और आनन-फानन में व्यवस्था दुरुस्त की.
यह पूरा मामला बरेली के राजश्री अस्पताल का है. जहां पर जिला प्रशासन ने कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज की व्यवस्था की है, लेकिन इन व्यवस्थाओं के बीच अव्यवस्था भी कम नहीं है. बारिश होते ही यहां रेन वाटर पाइप फट गया और अस्पताल का कोरोना वॉर्ड तालाब में बदल गया. संक्रमित मरीजों के बीच से बहते हुए पानी पूरे अस्पताल प्रांगण में बहने लगा. किसी मरीज ने इस घटना का एक वीडियो रिकॉर्ड कर ट्विटर पर डाल दिया, जिसके बाद हंगामा मच गया.
Covid ward in Bareilly..another example of 's negligence of corona patients and the pandemic as a whole.
— Sharvendra Bikram Singh (@sharvendrapyg)
अब इस पूरे मामले में बरेली के स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सफाई दी है. उन्होंने बताया कि अस्पताल में रिपेयरिंग का काम चल रहा था, जिसके चलते पाइप फट गया और पानी फैल गया. प्रशासन का दावा है कि हालात सुधार लिए गए हैं.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सीएम साहब और उनके अधिकारियों ने बार-बार पर्याप्त बेड होने और कोरोना से लड़ाई में सब कुछ सही होने का दावा किया है. लेकिन इन खबरों में हाल देखकर ही समझ जाएंगे कि यूपी सरकार की नाकाफी तैयारियों, लचर व्यवस्था और कमजोरियों पर पर्दा डालने की नीति ने आज बुरा हाल कर दिया है.
उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा है, मरीज परेशान हैं, स्वास्थ्य कर्मी परेशान हैं लेकिन सरकार के मुखिया "सदी का सबसे कमजोर वायरस" जैसे बचकाना बयान देकर जवाबदेही से मुंह फेरे हुए हैं. बरेली कोविड अस्पताल का हाल देखिए. कोविड वार्ड में झरना फूट पड़ा है.