कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन किया गया है. इस लॉकडाउन के चलते देश में तमाम लोग ऐसे हैं, जिनके आगे रोजी और रोटी का संकट खड़ा हो गया है. गरीब और मजदूरों के सामने 14 अप्रैल तक का समय काटना मुश्किल है. इसलिए वो लोग पैदल, साइकिल या फिर रिक्शा लेकर अपने गांव जाने के लिए निकल पड़े हैं. जिसके पास जो साधन है वो उसका इस्तेमाल कर अपने घर जल्द से जल्द पहुंचे की कोशिश कर रहा है.
लॉकडाउन से काम-धंधा हुआ बंद
एक ऐसी ही कहानी बिहार के गोपालगंज के रहने वाले राजकुमार की है. जो झारखंड की राजधानी रांची में ड्राइवर का काम करता था. लॉकडाउन की वजह से उसका काम- धंधा पूरी तरह से बंद हो गया. अब उसके सामने दो वक्त की रोटी का जुगाड़ कर पाना मुश्किल हो गया था. ऐसी संकट की घड़ी में राजकुमार ने अपने घर गोपालगंज जाने का फैसला किया. फिर वो मजबूती के साथ साइकिल से एक कठिन रास्ते पर निकल पड़ा.
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इस सफर के दौरान उसे रास्ते में कई तरह की तकलीफों से उसे गुजरना पड़ा. लेकिन उसने हार नहीं मानी और अपनी मंजिल की तरफ बढ़ता गया. रास्ते में पुलिस ने भी उसकी मदद की. खाने और पीने का सामान दिया और उसे गांव तक पहुंचाने में हर संभव मदद की. राजकुमार ने 400 से ज्यादा किलोमीटर का सफर तीन दिन में पूरा किया और सही सलामत अपने घर पहुंचा.
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सिर्फ राजकुमार ही नहीं देश में ऐसे कई गरीब और मजबूर लोग हैं जो मीलों का सफर तय करके अपनी मंजिल तक पहुंच रहे हैं. कोरोना वायरस की वजह से देश में अबतक कई लोगों की जान जा चुकी है. इसलिए लोगों को इस संक्रमण से अपने आपको बचाने की बड़ी चुनौती है.