पूरे देश में तबलीगी जमात के उन लोगों की छानबीन की जा रही है जो सरकार की नजरों से अभी दूर हैं. इसके लिए पैन इंडिया मस्जिद और कई अन्य स्थानों पर सर्च ऑपरेशन एजेंसियां चला रही हैं. पिछले कुछ दिनों में दिल्ली, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में सर्च ऑपरेशन चलाए गए हैं.
इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने कहा, 'तबलीगी जमात के उन लोगों की छानबीन जारी है जो दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज से वापस लौटे हैं और सरकार की नजरों से दूर हैं. हमलोग काफी तेजी से उन्हें ट्रेस कर रहे हैं, साथ ही उनकी जांच कर उन्हें क्वारंटीन में भेजा जा रहा है.'
अभी तक सिर्फ दिल्ली की 17 मस्जिदों में 168 विदेशी नागरिकों और 10 भारतीयों की पहचान की गई है. बाहरी मुल्क में सबसे अधिक लोग इंडोनेशिया के नागरिक पाए गए हैं. कुछ लोगों को ट्रेस कर उन्हें क्वारंटीन किया गया है.
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विदेशी मूल के ये लोग जो तबलीगी जमात से हैं देश के कई अन्य हिस्सों, जैसे कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में छिपे हो सकते हैं. सभी स्थानीय पुलिस को कंपाइल लिस्ट तैयार करने को कहा गया है जो हाल में बड़ी मस्जिदों में गए थे. अगर इनमें से किसी भी सदस्य के मरकज में शामिल होने की बात सामने आती है तो उनकी जांच की जाएगी, साथ ही उन्हें क्वारंटीन करने की व्यवस्था की जाएगी.
2 अप्रैल तक तबलीगी जमात के संपर्क में आए 9000 लोगों को अब तक क्वारनटीन किया गया है. इनमें से 1306 सदस्य दूसरे देश के नागरिक हैं.
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गृह मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक दिल्ली के मरकज में 2000 जमाती थे. इनमें से 250 विदेशी नागरिक हैं. इनमें से कुल 1804 सदस्यों को क्वारंटीन किया जा चुका है. इसके अलावा भारत सरकार ने 960 विदेशी नागरिकों को ब्लैक लिस्ट किया है जो फिलहाल टूरिस्ट वीजा लेकर भारत में ठहरे हुए हैं. जबकि वो भी तबलीगी जमात में शामिल हुए थे.
गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों से भी इस तरह के लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने को कहा है जो टूरिस्ट वीजा पर भारत आए हैं और मजहबी कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं.