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50 अस्पताल, 8 लाख डोज और 21 दिन का अंतराल..जानें ब्रिटेन में कैसे दी जा रही है कोरोना की वैक्सीन

ब्रिटेन ने पिछले हफ्ते ही फाइजर/बायोएनटेक द्वारा तैयार की गई वैक्सीन को आपातकाल प्रयोग के लिए अनुमति दी थी. ऐसा करने वाला वह पहला देश बन गया है. आज से ब्रिटेन के 50 अस्पतालों में बेहद सख्त स्वास्थ्य मानकों पर लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी.

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लंदन में एक महिला को कोरोना वैक्सीन देने की तैयारी (फोटो- पीटीआई)
लंदन में एक महिला को कोरोना वैक्सीन देने की तैयारी (फोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ब्रिटेन में आज से कोरोना टीकाकरण
  • 80 साल से ऊपर के लोगों को दिया जाएगा टीका
  • स्वास्थ्य कर्मियों को लगेगा कोरोना का वैक्सीन

लाखों लोगों की जान लेना वाले कोरोना महामारी के खिलाफ दुनिया ने एकजुट होकर जंग का ऐलान कर दिया है. आज से ब्रिटेन में कोरोना का टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हो रहा है. ब्रिटेन की सरकार ने इसे अपने इतिहास का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम घोषित किया है. 

ब्रिटेन ने पिछले हफ्ते ही फाइजर/बायोएनटेक द्वारा तैयार की गई वैक्सीन को आपातकाल प्रयोग के लिए अनुमति दी थी. ऐसा करने वाला वह पहला देश बन गया है. आज से ब्रिटेन के 50 अस्पतालों में बेहद सख्त स्वास्थ्य मानकों पर लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा रही है.

ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) ने वैक्सीनेशन कार्यक्रम के लिए देश के 50 अस्पतालों को चिन्हित किया है. ब्रिटेन में वैक्सीन को लेकर काफी सुरक्षा के उपाय किए गए हैं, इसे हाल ही में बेल्जियम से सुरक्षित स्थान पर लाकर रखा गया है. 

किसे मिलेगी वैक्सीन?

ब्रिटेन की सरकार ने कहा है कि उनके यहां वैसे लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जाएगी जो 80 साल से ऊपर हैं, या फिर जो स्वास्थ्य सेवाओं में लगे हैं. 87 साल के भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हरि शुक्ला वैक्सीन लेने वालों में शामिल हैं. 

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मारग्रेट कीनन को लगा कोरोना का पहला टीका

बीबीसी के मुताबिक ब्रिटेन के उत्तरी आयरलैंड में 90 साल की एक महिला को कोरोना का पहला वैक्सीन दिया गया है. इस महिला का नाम मारग्रेट कीनन है. मारग्रेट कीनन को फाइजर बायोएनटेक को कोरोना का पहला विकसित टीका दिया गया. इसी के साथ ब्रिटेन में कोरोना टीकाकरण की शुरुआत हो गई है. 

म्राग्रेट कीनन ने कहा कि कोरोना का टीका लेकर वे खुद को भाग्यशाली मानती हैं. म्राग्रेट कीनन यूनिवर्सिटी अस्पताल कॉवेंट्री में इंजेक्शन दिया गया. 

21 दिनों में 2 बार टीकाकरण

अमेरिकी कंपनी फाइजर ने कोरोना के जिस वैक्सीन को डेवलप किया है उसे 21 दिनों के अंतराल में दो बार लगाने की जरूरत पड़ेगी. यानी वैक्सीन की एक डोज में कोरोना की पूरी तरह रोकथाम नहीं होगी और हर किसी को दो डोज लेने होंगे. आज इस वैक्सीन का पहला डोज दिया जा रहा है. 

बता दें कि ब्रिटेन ने फाइजर / बायोएनटेक को 40 मिलियन खुराक का आदेश दिया है. प्रत्येक व्यक्ति को दो खुराक की आवश्यकता होती है इसलिए ये 20 मिलियन लोगों को टीका लगाने के लिए पर्याप्त है. लगभग 800,000 खुराक पहले सप्ताह के भीतर उपलब्ध होने की उम्मीद है. 

mRNA तकनीक पर बनी है फाइजर/बायोएनटेक की वैक्सीन 

फाइजर/बायोएनटेक ने कोरोना को इस वैक्सीन को mRNA पर बनाया है. इस तकनीक में कोरोना वायरस के जेनेटिक कोड का इस्तेमाल कोरोना से लड़ने के लिए किया जाता है.   

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इस वैक्सीन को मानव शरीर में इंजेक्शन के द्वारा लगाया जाता है, लेकिन इसकी प्रक्रिया काफी जटिल है. इस वैक्सीन को -70 डिग्री के तापमान पर स्टोर रखा जाता है. इस वैक्सीन को इस्तेमाल करने से पहले कोल्ड चेन में चार बार ही ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है. 

-70 पर होने की वजह से वैक्सीन के संघटक जम जाते हैं, इसे तरल अवस्था में लाने में अच्छा खासा समय लगता है. ब्रिटेन की स्वास्थ्य एजेंसियों ने कहा कि इस वैक्सीन को देने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को पर्याप्त ट्रेनिंग दी गई है. 

व्यापक टीकाकरण में समय लगेगा

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कोरोना टीकाकरण होने से काफी उत्साहित हैं. बोरिस जॉनसॉन ने कहा, "आज, ब्रिटेन ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा कदम उठाया है, क्योंकि हम देशभर में टीका भेजने वाले हैं. मुझे टीका विकसित करने वाले वैज्ञानिकों, ट्रायल में शामिल लोगों और इसको लाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले एनएचएस पर बहुत गर्व है. 

प्रधानमंत्री जॉनसन ने इस बात के प्रति भी लोगों को आगाह किया कि देश भर में व्यापक स्तर टीकाकरण में अभी समय लगेगा लोग तब तक सतर्क रहें और लॉकडाउन के नियमों का पालन करें.  

 

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