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RBI MPC Result: सिर्फ कुछ देर का इंतजार... फिर चलेगा पता, घटेगी EMI या बढ़ेगा बोझ

RBI MPC Results: आरबीआई की एमपीसी बैठक के नतीजे आने वाले हैं और कुछ देर बाद सुबह 10 बजे गर्वनर संजय मल्होत्रा इनका ऐलान करेंगे. Repo Rate को लेकर कोई भी निर्णय आपके लोन की EMI पर असर डालने वाला साबित होगा.

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एमपीसी बैठक के नतीजों का आज होगा ऐलान. (File Photo: ITG)
एमपीसी बैठक के नतीजों का आज होगा ऐलान. (File Photo: ITG)

अमेरिका और ईरान में सीजफायर (US-Iran Ceasefire) हो चुका है, जो ग्लोबल टेंशन कम होने के संकेत हैं. इस बीच भारत में रिजर्व बैंक की बड़ी बैठक चल रही है, जिसपर आज बस कुछ देर बाद ही फैसला आने वाला है. हम बात कर रहे हैं आरबीआई एमपीसी बैठक की, जो बीते 6 अप्रैल को शुरू हुई थी और गवर्नर संजय मल्होत्रा बुधवार सुबह 10 बजे इसमें लिए गए फैसलों का ऐलान करने वाले हैं. 

MPC Meeting के बाद रेपो रेट को लेकर बड़ा ऐलान हो सकता है, जिसे 2025 में लगातार पांच बार घटाने के बाद बीते फरवरी को स्थिर रखा गया था. Repo Rate पर लिया जाने वाला कोई भी निर्णय सीधे आपके होम लोन, ऑटो लोन की ईएमआई (Loan EMI) पर असर डालने वाला साबित होगा. इसके अलावा केंद्रीय बैंक भारत की जीडीपी और महंगाई पर अनुमान जारी करेगा. 

अभी इतना है Repo Rate 
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेतृत्व में छह सदस्यीय समिति FY2026-27 की ये पहली एमपीसी बैठक है. इस परिणामों के साथ ही आज पता चलेगा कि आपके लोन पर ईएमआई का बोझ घटने वाला है या फिर बढ़ने वाला. बीते साल आरबीआई ने एक के बाद एक कई बार रेपो रेट में कटौती कर लोन लेने वालों को तोहफा दिया था और Repo Rate में कुल 125 अंकों की कटौती की गई थी.

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इस साल की पहली बैठक फरवरी में हुई थी और उसमें कटौती के सिलसिले पर ब्रेक लगा था. यानी केंद्रीय बैंक ने कोई बदलाव नहीं करते हुए 5.25 फीसदी पर इसे स्थिर रखा था. इस बार भी तमाम अर्थशास्त्री Repo Rate Unchanged रहने का अनुमान जाहिर कर रहे हैं. 

गौरतलब है कि रेपो रेट (Repo Rate) वह दर होती है, जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक तमाम बैंकों को कर्ज देती है. इसका उपयोग अर्थव्यवस्था में महंगाई को कंट्रोल करने के लिए भी किया जाता है. जब रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंकों के लिए लोन लेना महंगा हो जाता है, जिससे आम जनता के लिए होम लोन या ऑटो लोन की EMI बढ़ जाती है.

रेपो रेट में कटौती की उम्मीद नहीं
इकोनॉमिस्ट अनुमान जता रहे थे कि आरबीआई वित्तीय बाजारों को स्थिर करने, रुपये को समर्थन देने और बॉन्ड यील्ड को कंट्रोल करने के लिए लिक्वीडिटी बढ़ाने पर फोकस करेगा. रॉयटर्स द्वारा 23 से 26 मार्च तक किए एक सर्वे में 71 में से 69 अर्थशास्त्रियों ने रेपो दर को 5.25% पर स्थिर रहने का अनुमान लगाया है. 

जेपी मॉर्गन के मुख्य भारत अर्थशास्त्री सज्जिद चिनॉय ने कहा है कि बढ़ती महंगाई से यह विश्वास बढ़ रहा है कि आरबीआई रेपो रेट को स्थिर रखेगा. इसके अलावा SBI रिसर्च रिपोर्ट में भी इकोनॉमिस्ट ने उम्मीद जाहिर की कि केंद्रीय बैंक यथास्थिति बनाए रखेगा.

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