अमेरिका और ईरान की जंग ने दुनिया के लिए एनर्जी संकट पैदा की है, लेकिन पाकिस्तान में इसका असर और भी भयानक तरीके से दिख रहा है. जंग भले ही दूसरे देशों में चल रही है, लेकिन इसका बड़ा असर पाकिस्तानी जनता झेल रही है.
वहां की सरकार भी आम लोगों को राहत देने के बजाय दर्द पर दर्द दिए जा रही है. पड़ोसी मुल्क की सरकार ने टैक्स बढ़ाने के साथ ही सब्सिडी भी कम कर दिया है और सुविधाओं में कटौती की है. ऐसे में पाकिस्तान में हर एक छोटी चीज की कीमतें तेजी से बढ़ी है, जिस कारण ईंधन, बिजली, खाना से लेकर रोजमर्रा की हर चीज के दाम आसमान छू रहे हैं. आइए जानते हैं पाकिस्तानी नागरिकों को इस जंग से क्या-क्या झेलना पड़ रहा है.
ईंधन की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
महज कुछ ही हफ्ते पहले ईंधन की कीमतों में 20 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई थी. अब एक बार फिर ईंधन की कीमतें बढ़ा दी गई हैं. इस बार डीजल की कीमत में 54.9% की वृद्धि हुई है और अब यह 520.35 पाकिस्तानी रुपये (1.88 डॉलर) प्रति लीटर हो गई है, जबकि पेट्रोल की कीमतों में 42.7% की वृद्धि हुई है और यह 458.40 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो चुका है.
ईंधन की कीमतों में इतनी भारी बढ़ोतरी के कारण पाकिस्तानी घर से बाहर वाहन लेकर चलने से कतरा रहे हैं. साथ ही बस, ट्रक, ऑटो किराया भी बढ़ गया है. माल ढुलाई और ट्रांसपोर्ट महंगा हुआ है, जिससे रोजमर्रा की चीजें के भी दाम उछले हैं.
महंगाई दर बढ़ी
पाकिस्तान में महंगाई दर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगी है. जनवरी में महंगाई दर 5.8 फीसदी पर थी, लेकिन अब यह 7.3 फीसदी हो चुकी है. इसका सबसे बड़ा कारण आयात महंगा हो चुका है. तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिससे पाकिस्तानी रुपये पर दबाव बढ़ा है. महंगाई दर बढ़ने से ट्रांसपोर्ट के साथ ही बिजली भी महंगी हुई है.
गैस और बिजली क्राइसिस
तेल बाधित होने से ईंधन के साथ ही गैस के दाम भी तेजी से बढ़े हैं. मार्च में एलपीजी के दाम 2,665 पाकिस्तानी रुपया प्रति सिलेंडर था और अब 3,500 रुपये प्रति सिलेंडर हो चुका है. एक महीने में इसमें 900 पाकिस्तानी रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ है.
बिजली यूज के लिए भी पाकिस्तानी सरकार ने नागरिकों को दर्द दिया है. मार्च 2026 बिल के लिए 1.62 रुपये प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की मंजूरी दी गई. पहले ही बिजली टैरिफ पाकिस्तान में एशिया देशों की तुलना में ज्यादा थे और अब इस बढ़ोतरी से और भी ज्यादा संकट पैदा हो गई है. इससे उनके लिए खाना बनाना और खाना खरीदना भी महंगा हो चुका है.
खाने-पीने की चीजें महंगी
जंग के कारण इन्फ्लेशन कॉस्ट बढ़ा है, जिस कारण आटा की कीमतों में 35 फीसदी तक इजाफा देखा गया है. 20 किलो आटा की बोरी 2000 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि 1 किलो आटा 160 रुपये किलो है. दाल की कीमत 250 रुपये से 450 रुपये तक आ चुके हैं. दुध और डेयरी प्रोडक्ट्स में 2 से 9 फीसदी तक का इजाफा हुआ है. आलू 50 रुपये किलो, टमाटर 250 रुपये किलो और प्याज के दाम 80 रुपये प्रति किलो पहुंच चुकी है. इस बढ़ोतरी ने मिडिल क्लास की जेब पर सबसे ज्यादा चोट की है.
लोन हुआ महंगा
मिडिल ईस्ट में जंग से इकोनॉमी को स्थिर रखने की कोशिश में स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने ब्याज दरों में इजाफा किया है, जो अब 10.5 फीसदी पर पहुंच गया है. इस कारण होम लोन, बिजनेस लोन और पर्सनल लोन महंगे हुए हैं. पाकिस्तान में निवेश भी कम हुआ है.
पाकिस्तानी सरकार ने क्या किया?
पाकिस्तानी सरकार ने लोगों को राहत देने के बजाय, कई बड़े झटके दिए हैं. आईएमएफ से लोन लेने के लिए पाकिस्तान ने सब्सिडी को कम कर दिया है. साथ ही बिजली से लेकर जरूरत की चीजों पर टैक्स बढ़ा दिया है. इसके अलावा, लोगों को दी जाने वाली सरकारी सुविधाओं को हटा दिया है या कम कर दिया है.