सोना-चांदी की कीमतों में क्रैश (Gold-Silver Price Crash) थम चुका है और दोनों कीमती धातुएं तूफानी तेजी से भागने लगी हैं. बीते 29 जनवरी को ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचे Gold-Silver में इस स्तर से अचानक तगड़ी गिरावट आई थी, जो लगातार चार दिन देखने को मिली थी. लेकिन 4 दिन के क्रैश के बाद बीते दो दिनों से इनके दाम में रॉकेट सी रफ्तार देखने को मिली है. सोना का भाव तो इन दौरान 24,000 रुपये चढ़ गया, वहीं Silver Price भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है. एक्सपर्ट भी गोल्ड रेट में आने वाले महीनों में रिकॉर्ड तेजी का अनुमान जताते हुए संकेत दे रहे हैं कि 'ये रुकने वाला नहीं है.'
4 दिन टूटा, अब तूफानी उछाल
Gold-Silver Rate में क्रैश और तेजी के बीते कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो बीते 29 जनवरी को ही चांदी की कीमत 4,20,048 रुपये प्रति किलो पर पहुंची थी और वहां से चार दिन में ही गिरकर 2.25 लाख रुपये के आसपास आ गई थी. वहीं सोना भी 1.93 लाख रुपये के पार पहुंचने के बाद फिर गिरकर 1.37 लाख रुपये के करीब आ गया था. इस स्तर तक टूटने के बाद यहां से बीते दो दिन में ही Gold Rate करीब 24,000 रुपये चढ़ चुका है, तो वहीं चांदी करीब 60,000 रुपये के आसपास महंगी हो चुकी है.
बुधवार को भी सोना-चांदी की कीमतों में तगड़ी तेजी आई है. बीते कारोबारी दिन मंगलवार को 1 Kg Silver Price 2,68,015 रुपये पर बंद हुआ था और बुधवार को ये 2,84,094 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया. सोना भी मंगलवार को 1,53,809 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,60,755 रुपये पर पहुंच गया.

ऐतिहासिक बिकवाली के बाद पकड़ी रफ्तार
बीते सप्ताह की ऐतिहासिक बिकवाली के बाद सोने और चांदी में स्थिरता आने के बाद एनालिस्ट इसे लेकर तेजी के संकेत दे रहे हैं, हालांकि इनकी कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है. यूबीएस ने चार दिन की गिरावट को 13 वर्षों में एक दिन में सबसे बड़ी गिरावटों में शामिल किया. हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि स्पॉट गोल्ड ने हाल के निचले स्तरों से लगभग 5% की रिकवरी की है, जबकि चांदी में लगभग 8% का इजाफा हुआ है. UBS ने सोने पर अपने पॉजिटिव रुख को दोहराते हुए तर्क दिया है कि तेजी के बाजार को खत्म करने वाली कोई परिस्थितियां अभी तक मौजूद नहीं हैं.
यूबीएस ने जोर दिया कि रोजाना होने वाली तेज गिरावटें अकेले सोने के तेजी के बाजार को खत्म नहीं करतीं. अपनी रिपोर्ट में इसने कहा,ये सिर्फ इसलिए खत्म नहीं होता क्योंकि कीमतें बहुत ज्यादा हैं, बल्कि मार्केट तब खत्म होता है जब केंद्रीय बैंक अपनी विश्वसनीयता स्थापित कर नई मॉनेटरी पॉलिसी की ओर रुख करते हैं.

6200 डॉलर के पार निकलेगा Gold
Gold Rate में हालिया उतार-चढ़ाव के बीच यूबीएस ने इसकी कीमतों में जोरदार तेजी की उम्मीद जताई है. फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 30 जनवरी तक इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड लगभग 4,894 डॉलर प्रति औंस पर था, जबकि इससे ठीक पहले Gold 5000 डॉलर का ऐतिहासिक आंकड़ा पार करने में कामयाब रहा था. UBS ने इसके 6,200 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) तक पहुंचने का अनुमान जताया है, जो 27% का उछाल है. इस साल जून या जुलाई महीने में ऐसा संभव नजर आ रहा है. यही कारण है कि UBS ने गोल्ड को 'आकर्षक' कैटेगरी में रखना जारी रखा है.
गिरावट में खरीदारी का मौका
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी ने कहा कि बीते दिनों सोने में गिरावट शॉर्ट टर्म कारणों से प्रेरित है. ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी ने भी कहा कि इस तरह की अस्थिरता मजबूत गति के दौर में आम बात है. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी लॉन्गटर्म आउटलुक पॉजिटिव हना गुपई है और हाल की गिरावट खरीदारी का मौका मानी जा सकती है.