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यूटिलिटी

Post Office की धांसू स्कीम... रिस्क जीरो, हर तीन महीने में ₹61500 की कमाई, मौज में कटेगा बुढ़ापा

रिटायरमेंट के बाद रेग्युलर इनकम की गारंटी
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बुढ़ापे में पैसों की टेंशन न हो और किसी पर आश्रित न रहना पड़े, इसके लिए पोस्ट ऑफिस द्वारा संचालित की जा रहीं सरकारी स्कीम्स बेहतर ऑप्शन साबित हो सकती हैं. जिनमें निवेश पर रिस्क जीरो होता है, जबकि रिटर्न जोरदार मिलता है. खासतौर पर सीनियर सिटीजन के लिए चल रही एक स्कीम खासी पॉपुलर बनी हुई है, जो एकमुश्त निवेश पर हर तीन महीने में 61,500 रुपये की कमाई की गारंटी देती है यानी बुढ़ापे में पैसों की नो टेंशन की गारंटी. 

हम बात कर रहे हैं, पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (Post Office SCSS Scheme) की और इसे रेग्युलर इनकम स्कीम के तौर पर भी पसंद किया जाता है, क्योंकि इसमें ब्याज से होने वाली कमाई का पेमेंट हरप तीन महीने में किया जाता है, जो 61,500 रुपये तिमाही बनता है. (File Photo: ITG)

'Zero Risk' ये पोस्ट ऑफिस स्कीम
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'Zero Risk' ये पोस्ट ऑफिस स्कीम
आज के समय में हर कोई अपनी कमाई में से कुछ न कुछ बचत (Savings) करके उसे ऐसी जगह पर निवेश (Investment) करने का प्लान करता है, जहां पैसा सुरक्षित रहने के साथ ही उसे अपनी निवेश की गई रकम पर ब्याज या रिटर्न भी जोरदार मिले. वहीं कुछ लोगों की निवेश को लेकर सोच ये रहती है कि रिटायरमेंट के बाद उनकी रेग्युलर इनकम (Reguler Income) जारी रहे. तो दोनों ही मायने में पोस्ट ऑफिर स्मॉल सेविंग स्कीम्स फायदे का सौदा साबित हो सकती है. पहला इसमें किए गए किसी भी छोटे या बड़े निवेश पर सुरक्षा की गारंटी खुद सरकार लेती है यानी ये Zero Risk Saving Scheme हो जाती है, तो वहीं सरकार की ओर से इनपर ब्याज भी शानदार दिया जाता है. (Photo: ITG)

FD भूल जाएंगे, इतना मिल रहा ब्याज 
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FD भूल जाएंगे, इतना मिल रहा ब्याज 
Post Office की सेविंग स्कीम्स सरकार की ओर से मिल रहे जोरदार ब्याज के चलते भी खासी पॉपुलर और बेहतर निवेश ऑप्शन बन चुकी हैं. सरकारी स्कीम (Govt Scheme) पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजन सेविंग्स पर भी धांसू ब्याज ऑफर किया जाता है, जिसके आगे तमाम बैंक की एफडी (Bank FD) भी फेल नजर आती हैं. बता दें कि PO SCSS में निवेश पर सरकार 8.2 फीसदी की सालाना दर से ब्याज दे रही है. (Photo: Pixel)

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5 साल मैच्योरिटी, निवेश बढ़ाने की सुविधा 
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5 साल मैच्योरिटी, निवेश बढ़ाने की सुविधा 
Post Office Senior Citizen Scheme में निवेश के लिए मैच्योरिटी अवधि की बात करें, तो ये पांच साल है. अगर आपको इस सरकारी स्कीम में मिलने वाले तमाम बेनेफिट्स का पूरा लाभ लेना हो, तो इसे पूरे 5 साल तक ऑपरेट करना होगा. वहीं पांच साल के बाद इसे अगले तीन साल के लिए आगे बढ़ाने की सुविधा भी सरकार की ओर से दी जाती है. (Photo: ITG)

1000 रुपये से निवेश शुरू, ये है ऐज लिमिट
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1000 रुपये से निवेश शुरू, ये है ऐज लिमिट
इस पोस्ट ऑफिस स्कीम में सिर्फ 1000 रुपये से निवेश की शुरुआत की जा सकती है. इसमें 60 साल या उससे अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति या पति/पत्नी के साथ जॉइंट अकाउंट खोला जा सकता है. ऐज लिमिट की बात करें, तो इसमें कुछ विशेष मामलों में छूट भी दी जाती है. जैसे VRS लेने वाले व्यक्ति की उम्र खाता खुलवाते समय 55 साल से अधिक और 60 साल से कम हो सकती है, वहीं डिफेंस से रिटायर हुए कर्मचारी 50 साल से अधिक और 60 साल से कम उम्र में निवेश कर सकते हैं. (File Photo: ITG)

Tax की बचत, खासा पहले बंद कराने पर घाटा
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Tax की बचत, खासा पहले बंद कराने पर घाटा
पोस्ट ऑफिस की इस सरकारी स्कीम (Govt Scheme) में टैक्स छूट का लाभ (Tax Benefits) भी मिलता है. इसमें निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की सालाना टैक्स छूट ली जा सकती है. इसमें खाताधारक को मैच्योरिटी पीरियड से पहले अकाउंट क्लोज कराने की सुविधा दी जाती है, लेकिन ये घाटे का सौदा साबित हो सकता है. नियमों को देखें, तो ऐसा करने पर पेनल्टी देनी होती है. (Photo: ITG)

61500 रुपये कमाई का कैलकुलेशन
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61500 रुपये कमाई का कैलकुलेशन
अब सबसे खास बात कि कैसे इसमें निवेश करने से हर तीन महीने में 61,500 रुपये की इनकम पक्की की जा सकती है. तो पहले जान लें कि Post Office सीनियर सिटीजंन सेविंग स्कीम में सिंगल अकाउंट से 15 लाख एकमुश्‍त और ज्वाइंट अकाउंट से 30 लाख रुपये अधिकतम निवेश कर सकते हैं. ऐसे में कोई व्यक्ति ने 30 लाख रुपये जमा करता है, तो उसे 8.2 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से पूरे पांच साल तक ब्याज मिलता रहेगा और इसकी रकम 2.46 लाख रुपये होगी. इस सरकारी योजना में ब्याज से होने वाली कमाई की राशि का पेमेंट हर तीन महीने में किए जाने का प्रावधान है. ऐसे में कैलकुलेशन समझें, तो 

सालाना ब्याज से कमाई: ₹30,00,000 का 8.2% = ₹2,46,000 
तिमाही ब्याज से कमाई: ₹2,46,000/4 = ₹61,500
मंथली ब्याज से कमाई: ₹2,46,000/3 = ₹20,500 (File Photo: ITG)

ब्याज दरों में बदलाव का असर नहीं
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ब्याज दरों में बदलाव का असर नहीं
इस स्कीम की खात बात ये भी है कि एक बार निवेश करते समय जो ब्याज दर लागू है, मैच्‍योरिटी पीरियड कर उसी दर से ब्याज मिलता रहेगा. भले ही सरकार हर तीन महीने में किए जाने वाले बदलाव के दौरान इसे कम या ज्यादा क्यों न कर दे. आप किसी भी नजदीकी डाकघर में जाकर अपनी SCSS अकाउंट आसानी से खुलवा सकते हैं. इसेमें मैच्योरिटी से पहले खाताधारक की मृत्यु होने पर अकाउंट क्लोज कर दिया जाता है और सारी रकम दस्तावेजों में दर्ज नॉमिनी को सौंप दी जाती है. (File Photo: ITG)

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