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Railway Rules: ट्रेन में आ गई नींद... पीछे छूटा स्टेशन, क्या अब रेलवे कराएगा फ्री वापसी?

ट्रेन के सफर के दौरान रेलवे के नियम जानना जरूरी
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क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि आप ट्रेन से सफर कर रहे हों और अचानक आपको नींद आ जाए, जिसके चलते आपको जिस स्टेशन पर उतरना था, वो पीछे छूट जाए. आखिर ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए? क्या भारतीय रेलवे के नियमों में यात्री को वापस उसके स्टेशन पर फ्री पहुंचाने की व्यवस्था है? आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...(Photo: AI Generated)
 

नींद में स्टेशन छूटने पर क्या है रेलवे रूल?  
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नींद में स्टेशन छूटने पर क्या है रेलवे रूल?  
आमतौर पर रात की ट्रेन यात्रा करने वाले यात्रियों को अक्सर यह चिंता सताती है कि कहीं उन्हें नींद न आ जाए और वे अपना स्टेशन न चूक जाएं. अगर ऐसा होता है, तो आप जान लीजिए कि भारतीय रेलवे के पास ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए नियम हैं, लेकिन ऐसा कोई आधिकारिक प्रावधान नहीं है जिसके तहत नींद आने की वजह से स्टेशन छूट जाने वाले यात्री को मूल स्टेशन तक मुफ्त यात्रा कराई जाए. यानी फ्री रिटर्न या मुफ्त वापसी की कोई व्यवस्था नहीं है. (Photo: AI Generated)

सोते समय स्टेशन छूटे तो क्या करें? 
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सोते समय स्टेशन छूटे तो क्या करें? 
रेलवे के नियमों (Railway Rules) में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अगर कोई यात्री निर्धारित स्टेशन पार कर चुकी ट्रेन के बाद नींद से जागता है, तो सबसे पहले उसे तुरंत यात्री टिकट परीक्षक यानी TTE या ट्रेन गार्ड से संपर्क करना चाहिए. यात्री के सोने की वजह से ट्रेन गंतव्य से आगे निकली है, तो यात्री को तुरंत इसकी सूचना देनी होगी, TTE आमतौर पर आपको आगे की प्रक्रिया समझा सकता है, जिसमें वापसी यात्रा के लिए जरूरी शर्तें और टिकट रूल (Railway Ticket Rules) शामिल हैं. (Photo: AI Generated)

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देना पड़ सकता है जुर्माना
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देना पड़ सकता है जुर्माना
सोने के कारण टिकट पर दर्ज स्टेशन छूट जाने के मामले में यात्री को अगले स्टॉप तक तय की गई अतिरिक्त दूरी के लिए एक्स्ट्रा किराया या जुर्माना भी देना पड़ सकता है. इसके अलावा उसे वापस अपने स्टेशन पर लौटने की व्यवस्था भी खुद से ही करनी होगी, क्योंकि रेलवे द्वारा तय किए गए नियमों में इसके लिए कोई प्रावधान नहीं है. भारतीय रेलवे यात्रियों को सलाह देता है कि वे घबराएं नहीं और जितनी जल्दी हो सके TTE को मामले की स्पष्ट जानकारी दें. (Photo: ITG)

नया टिकट लेकर ही वापस लौटें
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नया टिकट लेकर ही वापस लौटें
अगर कोई यात्री छूटे हुए स्टेशन पर वापस लौटना चाहता है, तो रेलवे के नियमों के मुताबिक, उसे इसके लिए नया रेल टिकट खरीदना होगा. यात्री अपने मुताबिक तय कर सकता है कि उसे किस श्रेणी में यात्रा करना चाहता है, वो उसके अनुसार टिकट बुक कर सकता है. नया टिकट खरीदे बिना यात्रा करने से परेशानी हो सकती है, क्योंकि ऐसे में यात्री को वैध टिकट के बिना यात्रा करने वाला माना जा सकता है और रेलवे नियमों के तहत जुर्माना भरना पड़ सकता है. ऐसे में यात्रा के दौरान सतर्क रहना इस तरह की समस्याओं से बचने का सबसे अच्छा तरीका है. (Photo: File/ITG)

अगर रेलवे की गलती, तो क्या नियम?
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अगर रेलवे की गलती, तो क्या नियम? 
अगर यात्री की नींद की वजह से नहीं, बल्कि रेलवे से जुड़े किसी  कारण से यही समस्या पैदा हुई है. उदाहरण के लिए मान लीजिए कि कोई ट्रेन अचानक मार्ग बदल देती है और कोई यात्री बिना किसी गलती के स्टेशन चूक जाता है, तो स्थिति अलग होती है. इस तरह के मामले में रेलवे रूल के मुताबिक, यात्री TDR (टिकट जमा रसीद) सब्मिट करते रिफंड पा सकता है. हालांकि, इस तरह का कोई भी दावा तय डेडलाइन में ही करना जरूरी है. (Photo: ITG)

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