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रिलायंस इंडस्ट्रीज बनी टर्नओवर के लिहाज से सबसे बड़ी कंपनी, इंडियन ऑयल को पीछे छोड़ा

इंडियन ऑयल कार्पोरेशन (आईओसी) को पीछे छोड़ते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज देश में सबसे अधिक टर्नओवर यानी आय हासिल करने वाली कंपनी बन गई है. आरआईएल का 2018-19 में कुल कारोबार 6.23 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया.

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रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी

देश के सबसे धनी व्यक्ति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कार्पोरेशन (आईओसी) को पीछे छोड़ते हुए देश में सबसे अधिक टर्नओवर यानी आय हासिल करने वाली कंपनी बन गई है. पेट्रोलियम से लेकर, खुदरा व्यापार और दूरसंचार जैसे विविध क्षेत्रों में फैली आरआईएल का 2018-19 में कुल कारोबार 6.23 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि आईओसी ने 31 मार्च 2019 को समाप्त वित्त वर्ष में 6.17 लाख करोड़ रुपये का एकीकृत कारोबार किया.

मुनाफे में भी सबसे आगे

दोनों कंपनियों द्वारा बीएसई को दी गई जानकारी में यह बात सामने आई है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आरआईएल नेट प्रॉफिट यानी शुद्ध लाभ हासिल करने के मामले में भी सबसे आगे रही. 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में उसका शुद्ध लाभ आईओसी के मुकाबले दोगुने से भी अधिक रहा. बढ़ते कारोबार के बीच रिलायंस का शुद्ध लाभ 2018- 19 में 39,588 करोड़ रुपये रहा, जबकि इंडियन ऑयल ने समाप्त वित्त वर्ष में 17,274 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है.

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पिछले दस साल में तेजी से बढ़त

करीब एक दशक पहले इंडियन ऑयल के मुकाबले आईओसी का कारोबार आधा था, लेकिन कंपनी द्वारा दूरसंचार, खुदरा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में विस्तार करने से उसके कारोबार में तेजी से वृद्धि हुई. आईओसी पिछले साल तक देश की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी थी, लेकिन इस साल लगता है कि तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) उसे पीछे छोड़ देगी. ओएनजीसी के सालाना परिणाम अभी आने हैं. कंपनी पहले नौ माह में 22,671 करोड़ रुपये का मुनाफा हासिल कर चुकी है.

इसके विपरीत रिलायंस इंडस्ट्रीज का शुद्ध लाभ 13 प्रतिशत बढ़कर 39,588 करोड़ रुपये हो गया, जबकि 2017- 18 में उसने 34,988 करोड़ रुपये का मुनाफा हासिल किया था.  सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी ने 2017-18 में 19,945.26 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया. तब यह आईओसी के मुकाबले पीछे थी. उस साल आईओसी ने 22,189.45 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हासिल किया. इस लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कुल कारोबार, मुनाफा और बाजार पूंजीकरण तीनों मानदंडों में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है.

मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन और तेजी से बढ़ते खुदरा कारोबार के चलते रिलायंस ने 2018- 19 में 44 प्रतिशत वृद्धि हासिल की. कंपनी ने वित्त वर्ष 2010 से लेकर 2019 की अवधि में साल दर साल 14 प्रतिशत की वृद्धि दर रही. इसके मुकाबले आईओसी की पिछले वित्त वर्ष में कारोबार वृद्धि 20 प्रतिशत और 2010 से 2019 की औसत सालाना वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रही.  

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