केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ का बयान सामने आया है. बजट पेश होने के बाद कमलनाथ ने ट्वीट कर मोदी सरकार पर बड़ा हमला करते हुए लिखा, 'आज देश की वित्त मंत्री द्वारा पेश आम बजट का भाषण लंबा जरूर है, लेकिन पूरी तरह से आंकड़ों का मायाजाल होकर, देश के लिए निराशाजनक व हवाई सपने दिखाने वाला है.'
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आगे लिखा है, 'इस बजट में गांव-गरीब-किसान-युवा-रोजगार-महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कुछ भी नहीं है. बेरोजगारी दूर करने के लिए व युवाओं को रोजगार देने का कोई जिक्र तक इस बजट में नहीं है.'
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वहीं, किसानों और कृषि क्षेत्र पर भी ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लिखा है, 'किसानों की आय दोगुनी के हमेशा की तरह एक बार फिर खोखले सपने इसमें दिखाए गए हैं. इसमें कई पुरानी योजनाओं को सजाकर दोबारा शामिल किया गया है. देश के विकास, प्रगति के रोडमैप का और गिरती अर्थव्यवस्था व महंगाई को रोकने की कार्ययोजना का पूरी तरह से अभाव इस बजट में नजर आया है.'
बेरोज़गारी दूर करने के लिये व युवाओं को रोज़गार देने का कोई ज़िक्र तक इस बजट में नहीं है।
किसानो की आय दोगुनी के हमेशा की तरह एक बार फिर खोखले सपने इसमें दिखाये गये है।
इसमें कई पुरानी योजनाओं को सजाकर दोबारा शामिल किया गया है।
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— Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath)
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कमलनाथ ने बजट में केंद्र सरकार पर ग्रामीण इलाकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा, 'देश का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र में बसता है, उसकी पूरी तरह से उपेक्षा इस बजट में की गई है. जितने झूठे सपने पिछले सभी बजट में अभी तक मोदी सरकार ने देश को दिखाए हैं, जिसकी मोदी भक्त खुलकर तारीफ करते थे, यदि वो सब पूरे हुए होते तो देश की अर्थव्यवस्था की यह दुर्गति कभी नहीं देखने को मिलती.'
देश के विकास , प्रगति के रोडमैप का एवं गिरती अर्थव्यवस्था व महंगाई को रोकने की कार्ययोजना का पूरी तरह से अभाव इस बजट में नज़र आया है।
देश का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र में बसता है , उसकी पूरी तरह से उपेक्षा इस बजट में की गयी है।
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— Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath)
इसके अलावा मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बजट में मध्य प्रदेश को मिलने वाली हिस्सेदारी को भी कम किया है. सीएम ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'प्रदेश की केंद्रीय करों में मिलने वाले हिस्सेदारी में 11,556 करोड़ की कटौती पुनरीक्षित अनुमान में की गई है, पिछली 2,677 करोड़ की कटौती मिलाकर यह 14,233 करोड़ कुल हो गई है. प्रदेश के हितों के साथ यह कुठाराघात है.'