केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में आम बजट पेश किया. मोदी सरकार 2.0 के इस बजट पर विपक्ष ने जमकर हमला बोला. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बजट के नाम पर सिर्फ भाषण था. कोई सेंट्रल थीम नहीं है. अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए में बजट में कुछ नहीं था.
राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य मुद्दा बेरोजगारी है. मैंने इस बजट में ऐसा कोई रणनीतिक विचार नहीं देखा, जिससे युवाओं को रोजगार मिले. राहुल गांधी ने कहा कि इतने लंबे बजट में सिर्फ आंकड़ों का जुमला था. बार-बार चीजें दोहराई जा रही थीं. उन्होंने कहा कि सरकार को पता है कि क्या हो रहा है? अर्थव्यवस्ता कहां जा रही है?
अखिलेश बोले- दिवालिया सरकार का दिवालिया बजट
उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि दिवालिया सरकार का दिवालिया बजट है. बीजेपी अर्थव्यवस्था को लेकर नाकाम है. यूपी में बीजेपी की सरकार है, लेकिन इन्वेस्टमेंट लाने के नाम पर कुछ नहीं था. रोजगार कैसे पैदा होगा, मोदी सरकार बेरोजगारी के मसले को कैसे दूर करेगी? ये बजट आंकड़ों का मकड़जाल था ताकि अन्य मद्दों से ध्यान भटकाया जा सके.
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने बजट को लेकर बीजेपी पर हमला बोला. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली को बजट से बहुत उम्मीदें थी, लेकिन एक बार फिर दिल्लीवालों के साथ सौतेला व्यवहार हुआ. ऐसे में दिल्ली वाले बीजेपी को क्यों वोट दें.
दिल्ली को बजट से बहुत उम्मीदें थी। लेकिन एक बार फिर दिल्ली वालों के साथ सौतेला व्यवहार हुआ। दिल्ली भाजपा के प्राथमिकताओ में आता ही नहीं, तो दिल्ली वाले भाजपा को वोट क्यों दे? सवाल ये भी है की चुनाव से पहले ही जब भाजपा दिल्ली को निराश कर रही है तो चुनाव के बाद अपने वादे निभाएगी?
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
बजट पर सिंघवी ने कसा तंज
इससे पहले अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट करके कहा 'दुश्मन न करे दोस्त ने जो काम किया है, साल भर का गम, गरीबों पर जुल्मो सितम, फिर से जनता को ईनाम दिया है.' वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि निर्मला सीतारमण बजट का गणित समझाने में विफल रही हैं. 4.8% की जीडीपी वृद्धि के साथ 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य एक पाइप ड्रीम है.