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इन्फोसिस विवाद: CEO सलिल पारेख के खिलाफ एक और व्हिसलब्लोअर ने की शिकायत

इन्फोसिस लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलिल पारेख के बारे में एक और व्हिसलब्लोअर ने शिकायत की है. इस बार भी यह शिकायत की गई है कि उन्होंने अपने कामकाज में कंपनी के मानक का उल्लंघन किया है.

इन्फोसिस के सीईओ सलिल पारेख (फाइल फोटो) इन्फोसिस के सीईओ सलिल पारेख (फाइल फोटो)

  • इन्फोसिस के CEO के ख‍िलाफ एक और व्हिसलब्लोअर की श‍िकायत
  • श‍िकायतकर्ता ने कहा कि CEO सलिल पारेख मुंबई में रहकर कर रहे काम
  • नियमों के मुताबिक उन्हें कंपनी के मुख्यालय बेंगलुरु में रहना चाहिए
  • इसके पहले भी कंपनी के शीर्ष अध‍िकारियों के खि‍लाफ श‍िकायत की गई थी

दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी इन्फोसिस लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सलिल पारेख के बारे में एक और व्हिसलब्लोअर ने शिकायत की है. इस बार भी यह शिकायत की गई है कि उन्होंने अपने कामकाज में कंपनी के मानक का उल्लंघन किया है. एक लेटर के द्वारा यह शिकायत की गई, हालांकि इस पर किसी के दस्तखत नहीं हैं.

क्या है श‍ि‍कायती लेटर में

शिकायतकर्ता ने कहा है कि अपने 1 साल 8 महीने के कार्यकाल में पारेख मुंबई में रहकर काम करते रहे, जबकि कंपनी के नियम के मुताबिक सीईओ को बेंगलुरू में रहना चाहिए. शिकायतकर्ता ने सवाल किया है कि आखिर इन्फोसिस बोर्ड इस बारे में चुप क्यों है.

न्यूज एजेंसी IANS ने दावा किया है कि उसके पास इस लेटर की कॉपी है. एजेंसी के मुताबिक इस लेटर में कहा गया है, 'पारेख के कंपनी ज्वाइन किए एक साल 8 महीने हो गए हैं, लेकिन वह मुंबई से कामकाज कर रहे हैं. यह इस शर्त का उल्लंघन है कि सीईओ को बेंगलुरु में रहना चाहिए न कि मुंबई में. आखिर बोर्ड इस बात पर जोर क्यों नहीं दे रहा कि वह बेंगलुरु आएं.'

यह लेटर इन्फोसिस के चेयरमैन और को-फाउंडर नंदन नीलेकणि तथा बोर्ड के स्वतंत्र निदेशकों के नाम से भेजा गया है. यह व्हिसलब्लोअर कंपनी के फाइनेंस डिपार्टमेंट में काम करता है और उसने अपनी पहचान जाहिर नहीं की है, क्योंकि ऐसा करने पर उसे 'बदले की कार्रवाई' का डर है.

लेटर में कर्मचारी ने लिखा है, 'मैं कंपनी के वित्त विभाग में काम करने वाला एक कर्मचारी हूं. मैं यह व्हिसलब्लोअर शिकायत इसलिए कर रहा हूं, क्योंकि मसला इतना ज्वलंत है कि पहचान बताने पर मुझे बदले की कार्रवाई का डर है. इसके लिए मुझे माफ करिएगा, लेकिन यह मसला बहुत महत्व का है.' 

सख्त कार्रवाई की मांग

व्हिसलब्लोअर ने यह दावा किया है कि पारेख के मुंबई में रहने की वजह से उनकी हवाई यात्रा और रहने आदि की व्यवस्था में कंपनी को 22 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च करना पड़ा है. शिकायतकर्ता ने यह भी मांग की है कि इन नियमों के उल्लंघन के लिए पारेख के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

इसके पहले व्हिसलब्लोअर की क्या शिकायत थी

गौरतलब है कि बीते दिनों देश की टॉप आईटी कंपनी इन्‍फोसिस के मैनेजमेंट पर व्हिसलब्लोअर्स ने कई संगीन आरोप लगाए थे. इन आरोप के मुताबिक इन्‍फोसिस के सीईओ सलिल पारेख और सीएफओ निलांजन रॉय ने कंपनी की आमदनी बढ़ाने के लिए अनैतिक कदम उठाए हैं. वहीं इन्‍फोसिस ने विवाद बढ़ने पर इन्फोसिस ने एक बाहर की लॉ फर्म को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है. रिपोर्ट आने के बाद कंपनी इसे सार्वजनिक करेगी.  

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