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खाता बंद करने की एक अर्जी, और... हरियाणा में ऐसे खुला IDFC बैंक में 590 करोड़ का घोटाला

हरियाणा में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. जांच में सामने आया कि हरियाणा सरकार के विभाग के रिकॉर्ड और बैंक के दस्तावेजों में क़रीब 590 करोड़ रुपये का अंतर है. यह गड़बड़ी सामने आने के बाद बैंक के शेयर में भारी गिरावट दर्ज की गई. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया है कि मामले की गहनता से जांच चल रही है.

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सरकारी खाते के बैलेंस विवाद से खुला 590 करोड़ के गड़बड़ी का मामला (Photo: ITG)
सरकारी खाते के बैलेंस विवाद से खुला 590 करोड़ के गड़बड़ी का मामला (Photo: ITG)

IDFC First Bank Fraud:हरियाणा में एक खाते को बंद करने की अर्जी ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में चल रहे बड़ी गड़बड़ी को उजागर कर दिया. स्टॉक एक्सचेंज को बैंक ने जानकारी दी है कि लगभग 590 करोड़ रुपये की राशि रिकॉन्सिलिएशन के तहत है. यह ख़बर सामने आने के बाद बैंक के शेयर 20 फीसदी तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर गिर गए. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि आईडीएफसी बैंक में चल रहे गड़बड़ी की गंभीरता से जांच की जा रही है. 

दरअसल, हरियाणा सरकार के ही एक विभाग ने बैंक को एक खाता बंद करने और पैसे ट्रांसफर करने के लिए आवेदन किया था. इस दौरान पाया गया कि विभाग के रिकॉर्ड और बैंक के दस्तावेजों में दर्ज राशि मेल नहीं खा रहे. जिसके बाद हड़कंप मच गया और इस राशि के अंतर को लेकर जांच शुरू कर दी गई. 

18 फरवरी से शुरू हुई जांच में कई हरियाणा सरकारी इकाइयों ने भी बैंक से ऐसी ही शिकायतें कीं. बैंक की प्रारंभिक जांच से पता चला कि ये प्रॉब्लम चंडीगढ़ ब्रांच के हरियाणा से जुड़े खातों के एक समूह तक सीमित है. बैंक ने यह भी साफ किया है कि यह मामला ब्रांच के अन्य कस्टमर्स तक नहीं फैलता. 

इस घटना के बाद बैंक ने चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और रिजर्व बैंक, कानून प्रवर्तन और अन्य आधिकारिक अधिकारियों को रिपोर्ट किया है. जांच के लिए केपीएमजी को फोरेंसिक ऑडिट करने के लिए नियुक्त किया गया है. बैंक का कहना है कि यह मामला कर्मचारियों के अनऑथराइज्ड कार्यवाही और बाहरी पक्षों के साथ मिलकर किया गया संभावित गड़बड़ी है.

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यह भी पढ़ें: IDFC Share Crash: 590 करोड़ की धोखाधड़ी... खुलते ही क्रैश हो गया इस बैंक का शेयर, निवेशकों में हड़कंप

इसके बावजूद, IDFC फर्स्ट बैंक की पूंजी स्थिति मजबूत बनी हुई है, और बैंक यह आश्वस्त कर रहा है कि नुकसान की राशि वसूली और बीमा पर निर्भर करेगी. हरियाणा सरकार ने इस मामले की जांच के दौरान सभी लेनदेन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है.

यह मामला बैंक के लिए एक गवर्नेंस चुनौती पेश करता है, जहां रिकवरी, जवाबदेही और संचालन संबंधी कमजोरियों की जांच जारी है. फिलहाल बैंक का दावा है कि यह समस्या नियंत्रण में है, लेकिन एक सामान्य खाता बंद करने के अनुरोध ने एक बड़े स्तर के इन्वेस्टिगेशन को जन्म दिया है, जिसकी कहानी अभी खत्म नहीं हुई है.
 

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