शेयर बाजार (Stock Market) में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन तूफानी तेजी के साथ ट्रेड हो रहा है. सेंसेक्स खुलने के साथ ही 600 अंक से ज्यादा की छलांग लगाकर 83,000 के स्तर के पार निकल गया, तो निफ्टी भी धुआंधार रफ्तार से भाग रहा है. लेकिन इस तेजी के बीच भी आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का शेयर चारों खाने चित नजर आ रहा है. जी हां, बैंक में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी उजागर होने के बाद सोमवार को खुलने के साथ ही IDFC First Bank Share Crash हो गया. इसमें करीब 20% की भारी गिरावट से निवेशकों में हड़कंप मचा हुआ है.
झटके में टूटकर यहां आया भाव
IDFC First Bank Share में आई गिरावट पर गौर करें, तो ये शेयर अपने पिछले बंद के मुकाबले शुरुआती कारोबार में टूटकर 75.16 रुपये पर ओपन हुआ था और फिर अचानक इसमें गिरावट की रफ्तार तेज होती चली गई और Bank Stock फिसलते हुए लोअर सर्किट (IDFC Share Lower Circuit) के साथ 66.80 रुपये के लेवल पर आ गया, जो करीब 20 फीसदी की गिरावट है. इस गिरावट के चलते IDFC First Bank Market Cap भी गिरकर 50,330 करोड़ रुपये के लेवल पर आ गया. पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले मार्केट कैप में ये बड़ी गिरावट दिखी है और आंकड़े देखें तो बैंक के शेयर में पैसे लगाने वाले निवेशकों के 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा स्वाहा हो गए.
क्रैश के पीछे क्या है वजह?
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शेयर के क्रैश होने के पीछे की वजह साफ है. दरअसल, IDFC First Bank में एक बड़ी धोखाधड़ी (Bank Scam) उजागर हुई है, जो 590 करोड़ रुपये की बताई जा रही है. रिपोर्ट्स की मानें, तो बैंक ने इस मामले में बताया है कि यह धोखाधड़ी चंडीगढ़ स्थित बैंक ब्रांच के माध्यम से संचालित हरियाणा सरकार (Haryana Govt) के सरकारी खातों से जुड़ी हउई है. धोखाधड़ी का पर्दाफाश होते ही बैंक ने कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित भी किया है.
ऐसे हुआ Bank Fraud का खुलासा
ये मामला 18 फरवरी को सामने आया था और बीते 21 फरवरी को IDFC First Bank की ओर से स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इस बड़े फ्रॉड के बारे में जानकारी शेयर की गई थी. इसमें बैंक ने बताया था कि हरियाणा सरकार के एक विभाग से कम्युनिकेशन प्राप्त करने के बाद प्रारंभिक आंतरिक मूल्यांकन किया गया था. प्राइवेट बैंक के मुताबिक, ये धोखाधड़ी तब सामने आईं जब हरियाणा सरकार के एक विभाग से अपना खाता बंद करने और उसमें मौजूद रकम को दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने की रिक्वेस्ट प्राप्त हुई. बैंक ने इस प्रक्रिया के दौरान राशि में बड़ा अंतर पाया.
इस पूरे धोखाधड़ी के मामलें में बैंक की ओर से फॉरेंसिक ऑडिट कराने के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी नियुक्त करने की प्रक्रिया जारी है. इसके अलावा चार ऑफिशियल को निलंबित करने के साथ ही बैंक ने पूरे मामले की पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)