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करोड़ों का घर और चूहे-दीमकों का डर, न्यूयॉर्क से मुंबई तक प्रॉपर्टी के रेट पर असर

रियल एस्टेट की वैल्यू केवल उसकी लोकेशन से नहीं, बल्कि उसकी 'हाइजीन और हेल्थ' से तय होगी. अगर आप भी निवेश की योजना बना रहे हैं, तो केवल 'व्यू' न देखें, बल्कि दीवारों के पीछे छिपे इन 'साइलेंट किलर्स' की भी जांच जरूर करें.

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रियल एस्टेट का 'साइलेंट किलर' (Photo-ITG)
रियल एस्टेट का 'साइलेंट किलर' (Photo-ITG)

भारत में घरों में चूहों और दीमक की समस्या से अक्सर लोग दो-चार होते हैं. कई बार तो घर की मरम्मत और ढांचे को ठीक कराने में लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं, लेकिन यह समस्या सिर्फ हमारे देश तक सीमित नहीं है. क्या आप जानते हैं कि दुनिया के सबसे विकसित देशों में गिने जाने वाले अमेरिका के हाईराइज शहर भी इन 'छोटे दुश्मनों' से त्रस्त हैं. 

कई इलाकों की स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि चूहों और दीमकों ने न केवल आलीशान इमारतों को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि प्रॉपर्टी के दामों में भी भारी गिरावट ला दी है. करोड़ों डॉलर का नुकसान झेल रहे इन शहरों में अब खरीदार घर लेने से पहले लोकेशन के साथ-साथ 'पेस्ट-हिस्ट्री' की जांच करना नहीं भूलते.

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अमेरिका के इन शहरों में चूहों का आतंक

अमेरिका के लॉस एंजिल्स, शिकागो और न्यूयॉर्क जैसे महानगर इस 'चूहों के आतंक' की चपेट में हैं. पेस्ट कंट्रोल दिग्गज Orkin की 2026 की 'रैटिएस्ट सिटीज' सूची में लॉस एंजिल्स ने शीर्ष स्थान हासिल किया है, जहां बढ़ती आउटडोर डाइनिंग और पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर ने चूहों को पनपने का पूरा मौका दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि जिन संपत्तियों में संक्रमण की खबरें आती हैं, उनकी मार्केट वैल्यू में 5% से 10% तक की सीधी गिरावट आती है.

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यह चूहे न केवल बिजली के तारों को कुतरकर आग लगने का जोखिम बढ़ा रहे हैं, बल्कि इमारतों की नींव और ड्रेनेज सिस्टम को भी खोखला कर रहे हैं.

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दीमक खा रहे हैं आपका घर

चूहों से ज्यादा आतंक तो दीमक मचा रहे हैं. Orkin की 2026 की रिपोर्ट बताती है कि मियामी लगातार चौथे साल दीमक प्रभावित शहर बना हुआ है. एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में दीमक हर साल घरों को अरबों डॉलर का नुकसान पहुंचाते हैं. चिंता की बात यह है कि यह तबाही अक्सर नजरों से ओझल होती है. जब तक घर के मालिक को नुकसान दिखाई देता है, तब तक दीमक घर के स्ट्रक्चरल ढांचे को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर चुके होते हैं. मियामी के अलावा लॉस एंजिल्स और न्यूयॉर्क जैसे ठंडे शहरों में भी दीमकों की बढ़ती सक्रियता ने रियल एस्टेट निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि वहां के 'होम इंस्पेक्शन' में दीमक पाए जाने पर सौदे या तो रद्द हो रहे हैं या भारी डिस्काउंट पर बंद हो रहे हैं.

भारत में स्थिति अमेरिका से अलग लेकिन उतनी ही चिंताजनक है. यहां का पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर और कचरा प्रबंधन इन जीवों के लिए वरदान साबित हो रहा है. मुंबई के पुराने ड्रेनेज सिस्टम चूहों के लिए सुरक्षित गलियारे हैं. यहां चूहों की वजह से न केवल बीमारियां फैलती हैं, बल्कि आलीशान हाउसिंग सोसायटियों के इलेक्ट्रिकल पैनल और महंगी कारों के तारों को भी भारी नुकसान पहुंचता है, जिससे रीसेल वैल्यू घटती है.

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प्रॉपर्टी की वैल्यू पर सीधा असर

रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि दीमक और चूहों की गंभीर समस्या वाली प्रॉपर्टी की कीमत 5% से 15% तक कम हो सकती है. खरीदार अब जागरूक हो रहे हैं. वे जानते हैं कि अगर घर की नींव या ढांचे में दीमक लग गई है, तो उसे ठीक करने का खर्च लाखों में हो सकता है. भारत में भी अब 'दीमक मुक्त' निर्माण का ट्रेंड बढ़ रहा है. बिल्डर अब प्री-कंस्ट्रक्शन एंटी-दीमक उपचार को मार्केटिंग टूल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं.

विशेषज्ञों की सलाह है कि समस्या होने का इंतज़ार न करें, एक निरंतर दीमक उपचार कार्यक्रम अपनाने से भविष्य में होने वाले भारी खर्चों से बचा जा सकता है.घर के सुराखों को सील करना और कचरे का सही निपटान चूहों को दूर रखने का सबसे कारगर तरीका है.

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