दिल्ली सरकार ने मंगलवार को अपना ऐतिहासिक बजट पेश किया. दिल्ली के बजट को रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के नजरिए से देखें, तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यह बजट प्रॉपर्टी मार्केट और शहरी विकास के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है. बजट का एक बड़ा हिस्सा पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के लिए सुरक्षित करना यह साफ संकेत है कि दिल्ली में नए निर्माण कार्यों और बुनियादी ढांचे को बड़ी मजबूती मिलेगी, जिसका सीधा सकारात्मक असर रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ेगा.
विशेष रूप से शहरी विकास के लिए आवंटित ₹7,887 करोड़ और PWD के लिए ₹5,921 करोड़ की भारी-भरकम राशि सड़कों, फ्लाईओवर और कनेक्टिविटी को बेहतर करेगी, जो किसी भी क्षेत्र में प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ाने के लिए सबसे जरूरी कारक होते हैं.
रियल एस्टेट के लिहाज से अनधिकृत कॉलोनियों के लिए ₹800 करोड़ और ट्रांस-यमुना क्षेत्र के लिए ₹300 करोड़ का विशेष प्रावधान इन इलाकों में रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी की डिमांड को नई रफ्तार देगा.
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सस्टेनेबल और ग्रीन हाउसिंग पर फोकस
इसके अलावा, दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड को ₹787 करोड़ मिलने से ग्रामीण दिल्ली के बाहरी इलाकों में भी टाउनशिप और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का रास्ता साफ होगा. बजट का 21% हिस्सा पर्यावरण और ग्रीन इनिशिएटिव्स के लिए रखना यह दर्शाता है कि भविष्य में दिल्ली में 'सस्टेनेबल और ग्रीन हाउसिंग' प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलेगा, जो आज के आधुनिक होमबायर्स की पहली पसंद है.
रेखा गुप्ता ने कहा पहले इंफ्रास्ट्रक्चर पर 6 से 7 हजार करोड़ रुपये खर्च होते थे, लेकिन बीजेपी सरकार में ये राशि बढ़कर 28 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है.
बजट में और क्या मिला?
दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों की 9वीं क्लास तक की हर छात्रा को साइकिल गिफ्ट देना का ऐलान किया. वहीं दसवीं कक्षा के मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने की घोषणा की. 8777 क्लासों में स्मार्ड बोर्ड लगाने का ऐलान किया. स्मार्ट क्लास प्रोजेक्ट के तहत 150 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है.