भारत और अमरिका के बीच व्यापारिक समझौता हो गया है और इसका फ्रेमवर्क भी जारी किया जा चुका है. India-US Trade Deal के तहत दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात होने वाली कई चीजों को अब जीरो टैरिफ (Zero Tariff) कैटेगरी में रखा गया है. बात करें, इस समझौते से अमेरिका को क्या-क्या मिला है, तो भारत ने कई जरूरी चीजों के आयात को टैरिफ फ्री करने पर कदम आगे बढ़ाया है, जिनमें कैंसर की दवाओं से लेकर पिस्ता-बादाम समेत अन्य सामान शामिल हैं. इसकी पूरी जानकारी केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल द्वारा दी गई है.
पीयूष गोयल बोले- 'जीरो टैरिफ तब...'
शनिवार को India-US ने कंबाइंड रूप से एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए ऐतिहासिक फ्रेमवर्क का ऐलान किया. इसके इसी साल मार्च 2026 के मध्य तक एक लीगल एग्रीमेंट के तौर पर औपचारिक रूप लिए जाने की उम्मीद है. इसके तहत दोनों देशों के बीच व्यापार में मौजूदा बाधाओं को दूर करने के साथ ही Tariff Cut के जरिए भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए तमाम प्रावधान शामिल हैं. Piyush Goyal के मुताबिक, अमेरिका से आयात 0% इस बात पर पूरी तरह से निर्भर करेगा कि उन वस्तुओं का उत्पादन भारत में होता है या फिर नहीं.
इन सामानों पर टैरिफ खत्म या कम
भारत ने सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDG), पशु आहार के लिए लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन ऑयल, वाइन-स्पिरिट और अन्य कई अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ को समाप्त करने या इन्हें कम करने पर विचार किए जाने पर जोर दिया. बिजनेस टुडे पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक, इसके अलावा भारत ने अमेरिकी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) वस्तुओं के लिए भारतीय बाजार पहुंच में देरी या उन पर मात्रा से जुड़े प्रतिबंध लगाने वाली आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को खत्म करने पर भी सहमति जताई है.
पिस्ता-बादाम पर धीमे-धीमे टैरिफ खत्म!
डील के तहत अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों से संबंधित व्यापार में लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करने पर भी सहमति जताई गई है. तो वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत जैविक और अजैविक रसायनों पर छूट देने पर भी विचार कर रहा है. फ्रेमवर्क के मुताबिक, भारत ने वाइन-स्पिरिट, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स और मेडिकल उपकरण जैसे सेक्टर्स में अमेरिका को शुल्क में छूट दी है. वहीं अमेरिका से लंबे समय से आयात किए जा रहे पिस्ता और बादाम पर लगे शुल्क को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने का भी निर्णय लिया गया है, क्योंकि इनसे हमारे स्थानीय बाजारों को कोई नुकसान नहीं होगा.
भारत में उत्पादन के अनुसार टैरिफ
अमेरिका से आयात Zero Tariff रहने पर टिप्पणी करते हुए पीयूष गोयल ने आगे कहा कि, 'यह साफतौर पर इस बात पर निर्भर करेगा कि उन वस्तुओं का उत्पादन भारत में होता है या नहीं. हमने अपनी उत्पादन क्षमता के अनुसार इस संबंध में विस्तृत जानकारी तैयार कर ली है.' नई दिल्ली अगले 5 वर्षों में 500 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी एनर्जी प्रोडक्ट्स, विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, आईटी प्रोडक्ट्स के साथ ही कोकिंग कोयला भी खरीदेगी.
भारत के लिए फायदे वाली डील
गौरतलब है कि बीते दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर डील के तहत टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का ऐलान किया था और ये तमाम पड़ोसी देशों की तुलना में काफी कम है. पीयूष गोयल ने कहा है कि करीब 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कम टैरिफ पर ओपन है. हमने किसानों और डेयरी को संरक्षित किया है. ये डील भारत के लिए आने वाले दिनों में ज्यादा लाभ पहुंचाने वाली साबित होगी.